बदायूं में एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद बंद पड़े प्लांट को फिर से शुरू करने और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक उच्चस्तरीय टीम मुंबई से बदायूं पहुंची है। इस चार सदस्यीय टीम में एचपीसीएल के सुरक्षा सलाहकार और महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी केपी रघुवंशी भी शामिल हैं। टीम ने जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के साथ प्लांट का दौरा किया।यह टीम मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बदायूं पहुंची। यहां टीम ने दोनों आला अधिकारियों से अब तक की घटना और उस पर की गई कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद सभी सदस्य सीधे प्लांट पर पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग एक घंटे तक स्थिति का जायजा लिया।प्लांट में नए स्टाफ की नियुक्ति को लेकर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से भी चर्चा हुई। टीम ने निर्देश दिए कि नियुक्त किए जाने वाले सभी कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने से अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही, गुटबंदी की संभावना को खत्म करने के लिए एक ही परिवार के कई सदस्यों को नौकरी पर न रखने की सलाह दी गई। प्लांट के मुख्य द्वार सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी विचार किया गया।स्थानीय अधिकारियों ने टीम को बताया कि मुख्य द्वार पर पुलिस चौकी के लिए जगह पहले से ही चिह्नित है। यहां पुलिस की लगातार मौजूदगी रहेगी। इसके अतिरिक्त, गांव में भी पुलिस सक्रिय रहकर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। टीम ने कई अन्य पहलुओं पर भी जानकारी जुटाई। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 10 से 12 दिनों में प्लांट का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा।


