अमृतसर के बलविंदर ने बनाई रणवीर-अक्षय के लिए पगड़ी:फिल्म धुरंधर-2 में बॉलीवुड अभिनेताओं ने पहनी, बोले- AI पोस्टर की पगड़ी मेरी नहीं

अमृतसर के बलविंदर ने बनाई रणवीर-अक्षय के लिए पगड़ी:फिल्म धुरंधर-2 में बॉलीवुड अभिनेताओं ने पहनी, बोले- AI पोस्टर की पगड़ी मेरी नहीं

अमृतसर के कोट खालसा इलाके के इंदर पगड़ी हाउस के मालिक बलविंदर सिंह ने फिल्म “धुरंधर 2” में अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना जैसे अभिनेताओं के लिए पगड़ियां तैयार कीं। बलविंदर सिंह ने हाल ही में चल रहे AI पोस्टर विवाद पर भी बात की, जिसमें उन्होंने कहा कि पोस्टर में दिख रही पगड़ी उनके हाथ की नहीं लगती। बलविंदर सिंह को यह अवसर पहले एक हॉलीवुड प्रोजेक्ट में किए गए काम के कारण मिला था। उस प्रोजेक्ट में उन्होंने अभिनेता अनुपम खेर से जुड़े एक किरदार के लिए पगड़ी तैयार की थी, जिससे उन्हें पहचान मिली। “धुरंधर 2” के लिए उनसे लगभग डेढ़ साल बाद संपर्क किया गया। वे करीब ढाई महीने तक फिल्म की टीम के साथ जुड़े रहे। इस दौरान, उन्होंने रणवीर सिंह के लिए पटियाला शाही और सेमी पटियाला शाही स्टाइल की पगड़ियां बनाईं। अक्षय खन्ना के लिए उन्होंने बलोचिस्तानी स्टाइल की पगड़ी तैयार की, जिसे उन्होंने वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से सीखा और घर पर अभ्यास किया। रणबीर सिंह के साथ काम करना शानदार अनुभव : बलविंदर सिंह बलविंदर सिंह ने रणवीर सिंह के साथ काम करने के अनुभव को बेहद शानदार बताया। शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, पटियाला, हरियाणा बॉर्डर और दिल्ली सहित कई स्थानों पर रणबीर सिंह से हुई। उन्होंने एक घटना साझा करते हुए बताया कि जब वे बीमार हो गए थे, तो रणवीर सिंह ने व्यक्तिगत रूप से उनका हाल-चाल पूछा, जिससे उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ। AI पोस्टर विवाद पर बोले- पगड़ी में काफी अंतर AI पोस्टर को लेकर चल रहे विवाद पर बलविंदर सिंह ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह निश्चित नहीं हैं, लेकिन पोस्टर में दिखाई गई पगड़ी उनके द्वारा बनाई हुई नहीं लगती। उनके अनुसार, पोस्टर की पगड़ी और उनकी बनाई पगड़ी में काफी अंतर है, जिससे यह संभावना बनती है कि वह AI के जरिए तैयार की गई हो। युवाओं को संदेश देते हुए बलविंदर सिंह ने कहा, “केश रखें, पगड़ी सजाएं और सिखी से जुड़ें। बलविंदर सिंह ने पंजाब के युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने केशों को संभालें, पगड़ी बांधने की परंपरा अपनाएं और सिखी से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि जो युवा सिखी से दूर हो गए हैं, वे वापस जुड़ें और इसे मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो युवा पगड़ी बांधना सीखना चाहते हैं, वे उनसे संपर्क कर सकते हैं।

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