भागलपुर जिला में अतिक्रमण हटाओ अभियान:जेसीबी से सड़क किनारे दुकानों को हटाया गया, अवैध निर्माण पर प्रशासन की सख्ती

भागलपुर जिला में अतिक्रमण हटाओ अभियान:जेसीबी से सड़क किनारे दुकानों को हटाया गया, अवैध निर्माण पर प्रशासन की सख्ती

भोगलपुर में जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। शेरमारी बाजार से लेकर हॉस्पिटल मोड़ तक बुलडोजर चलाकर सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान दर्जनों अस्थायी और स्थायी दुकानें, ठेला-खोमचा और कुछ मकान भी कार्रवाई की जद में आ गए। स्थानीय निवासी सलीम ने बताया कि इस इलाके में कई वर्षों से अतिक्रमण बढ़ता जा रहा था। सड़क के दोनों किनारों पर अवैध निर्माण के कारण मुख्य मार्ग काफी संकरा हो गया था। इसके चलते रोजाना लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति और भी खराब हो जाती थी। जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। स्कूली बच्चों, मरीजों और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। चेतावनी के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी पूनम कुमारी ने बताया कि प्रशासन को लगातार जाम और अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। कई बार पूर्व में चेतावनी देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। अतिक्रमण हटने से यातायात व्यवस्था सुगम होगी और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन की सख्त चेतावनी अभियान के दौरान नोडल पदाधिकारी के रूप में शिक्षा पदाधिकारी नीलेश कुमार मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीरपैंती थाना की पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भोगलपुर में जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। शेरमारी बाजार से लेकर हॉस्पिटल मोड़ तक बुलडोजर चलाकर सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान दर्जनों अस्थायी और स्थायी दुकानें, ठेला-खोमचा और कुछ मकान भी कार्रवाई की जद में आ गए। स्थानीय निवासी सलीम ने बताया कि इस इलाके में कई वर्षों से अतिक्रमण बढ़ता जा रहा था। सड़क के दोनों किनारों पर अवैध निर्माण के कारण मुख्य मार्ग काफी संकरा हो गया था। इसके चलते रोजाना लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति और भी खराब हो जाती थी। जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। स्कूली बच्चों, मरीजों और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। चेतावनी के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी पूनम कुमारी ने बताया कि प्रशासन को लगातार जाम और अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। कई बार पूर्व में चेतावनी देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। अतिक्रमण हटने से यातायात व्यवस्था सुगम होगी और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन की सख्त चेतावनी अभियान के दौरान नोडल पदाधिकारी के रूप में शिक्षा पदाधिकारी नीलेश कुमार मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीरपैंती थाना की पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

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