Case has been filed against the Halka Chowki in-charge in Farrukhabad. फर्रुखाबाद में ग्राम समाज की जमीन को मुक्त करने के लिए उपजिलाधिकारी ने कोतवाली प्रभारी को आदेश दिया। कोतवाली प्रभारी ने हल्का चौकी प्रभारी को फरियादी ग्राम प्रधान से सौदेबाजी करने को कहा। जो ढाई लाख रुपए में तय हुआ। महिला ग्राम प्रधान ने यह आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि 175000 नगद और शेष रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे। इस संबंध में एडीजी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की गई थी। एडीजी के निर्देश पर मामले की जांच की गई। महिला ग्राम प्रधान की शिकायत प्राथमिक जांच में सही पाई गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी हल्का चौकी इंचार्ज के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र का है।
ग्राम प्रधान ने एसडीएम के यहां की थी शिकायत
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत निशाई गांव की रहने वाली महिला ग्राम प्रधान गीता देवी ने कोतवाल और हल्का चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगाया है। एडीजी को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि ग्राम समाज की जमीन को मुक्त करने के लिए उन्होंने एसडीएम के यहां प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर एसडीएम ने कोतवाली प्रभारी मोहम्मदाबाद को निर्देशित किया कि ग्राम समाज की जमीन को मुक्त कराया जाए।
जमीन मुक्त कराने के लिए हुई सौदेबाजी
इस संबंध में महिला ग्राम प्रधान ने बताया कि मोहम्मदाबाद कोतवाली प्रभारी ने हल्का चौकी इंचार्ज सुरेश चाहर को सौदेबाजी करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि ग्राम समाज की जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए ढाई लाख रुपए में बातचीत पक्की हुई, जिसमें 1 लाख 75 हजार रुपए नगद और एक लाख ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था। लेकिन ग्राम समाज की जमीन को खाली नहीं किया गया।
एडीजी से शिकायत
गीता देवी ने बताया कि तीन महीने बाद उन्होंने कानपुर में एडीजी से शिकायत की। एडीजी के निर्देश पर महिला ग्राम प्रधान की शिकायतों की जांच की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ग्राम प्रधान निशाई गीता देवी ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि भूमि संबंधी विवाद में हल्का प्रभारी सुरेश चाहर ने रिश्वत की मांग की थी। इसमें कुछ धनराशि नगद और कुछ ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था। जांच में गीता देवी ने जो आरोप लगाया था वह सही पाया गया। हल्का प्रभारी सुरेश चाहर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


