Sameera Reddy Stammering Revelation: फिल्मी दुनिया में अपनी सादगी और बेबाक अंदाज के लिए पहचान बनाने वाली अभिनेत्री समीरा रेड्डी आज लाखों लोगों के लिए आत्मविश्वास की मिसाल बन चुकी हैं। लेकिन उनकी ये मजबूत पहचान एक दिन में नहीं बनी। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने बचपन के उस दर्दनाक अनुभव को साझा किया, जब हकलाने की समस्या के कारण उन्हें स्कूल में ताने सुनने पड़े और इसका असर लंबे समय तक उनके आत्मविश्वास पर बना रहा।
बचपन के तानों ने छोड़ी गहरी छाप (Sameera Reddy Stammering Revelation)
समीरा ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ से बातचीत करते हुए बताया कि बचपन में हकलाने की वजह से उन्हें कई बार साथियों की आलोचना और मजाक का सामना करना पड़ा। उन्हें बुद्धू और कमजोर जैसे शब्दों से बुलाया जाता था, जिसने उनके आत्मसम्मान को गहराई से प्रभावित किया। उनका कहना है कि ऐसे शब्द बच्चों के मन में स्थायी असर छोड़ते हैं और धीरे-धीरे वे खुद को वैसा ही मानने लगते हैं जैसा समाज उन्हें कहता है।
उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि आत्मविश्वास वापस पाने के लिए उन्हें कई वर्षों तक थेरेपी लेनी पड़ी। आज भी अगर कभी बोलते समय अटक जाती हैं और कोई प्रतिक्रिया देता है, तो वो पुरानी यादें उन्हें प्रभावित कर जाती हैं।
बच्चों की परवरिश में सकारात्मक माहौल जरूरी
दो बच्चों की मां समीरा का मानना है कि बच्चों को हमेशा ये समझाना जरूरी है कि किसी एक कमजोरी से उनकी पूरी पहचान तय नहीं होती। वो अपने बेटे हंस और बेटी न्यारा को हमेशा खुलकर बात करने और अपनी परेशानियां साझा करने के लिए प्रेरित करती हैं।
उनके मुताबिक अगर, बच्चों को सही मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सीखने का समय दिया जाए, तो उनमें आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती अपने-आप विकसित हो जाती है। यही वजह है कि वो माता-पिता और शिक्षकों से आग्रह करती हैं कि वो बच्चों पर लेबल लगाने की बजाय उन्हें समझने की कोशिश करें।
‘परफेक्ट पेरेंट’ बनने के दबाव से दूर रहने की सलाह
सोशल मीडिया पर अपने लोकप्रिय ‘मेसी ममा’ कंटेंट के जरिए चर्चा में रहने वाली समीरा का मानना है कि आज के समय में माता-पिता पर बच्चों को हर गतिविधि में आगे रखने का अनावश्यक दबाव बढ़ गया है। वो कहती हैं कि एक बच्चे के लिए जो सही है, जरूरी नहीं कि वही दूसरे बच्चे के लिए भी उपयुक्त हो।
उनका सुझाव है कि तुलना करने की बजाय माता-पिता को बच्चों की रुचि और क्षमता को समझना चाहिए। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वो बिना दबाव के आगे बढ़ते हैं।
निजी जीवन और फिल्मी सफर (Sameera Reddy Stammering Revelation)
समीरा ने साल 2014 में अक्षय वर्दे से पारंपरिक महाराष्ट्रीयन रीति-रिवाजों के साथ शादी की थी। दोनों के दो बच्चे हैं- हंस और न्यारा। फिल्मों की बात करें तो उन्होंने ‘नो एंट्री’, ‘रेस’ और ‘दे दना दन’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों में अभिनय किया है, जबकि आखिरी बार वो ‘तेज’ में नजर आई थीं।


