Human Rights Watch on Iran: ईरान की सेना ने 11 मार्च के आसपास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कम से कम दो नागरिक जहाजों को जानबूझकर निशाना बनाया। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार युद्ध अपराध हो सकता है। यह जानकारी ह्यूमन राइट्स वॉच की एक रिपोर्ट के जरिए सामने आई है।
रिपोर्ट में इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन का हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया कि 1 मार्च से ईरान ने इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले शुरू किए। ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में बताए जा रहे हैं।
ह्यूमन राइट्स वॉच (Human Rights Watch) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सेना ने 11 मार्च के आसपास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कम से कम दो नागरिक जहाजों को जानबूझकर निशाना बनाया। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, युद्ध अपराध हो सकता है।
IMO का दिया हवाला
रिपोर्ट में इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन (International Maritime Organization – IMO) का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया कि 1 मार्च से ईरान ने इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले शुरू किए। ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में बताए जा रहे हैं।
ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोफाघरी ने 11 मार्च को कहा था कि अगर हमले जारी रहे, तो ईरान इस मार्ग से तेल की सप्लाई रोक देगा। रिपोर्ट के अनुसार ‘सेफसी विष्णु’ और ‘मयूरी नारी’ नाम के जहाजों पर जानबूझकर हमला किया गया। इन हमलों के सबूत वीडियो, फोटो और आधिकारिक बयानों से मिले हैं।
इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक 1 से 17 मार्च के बीच कुल 16 हमले हुए, जिनमें 17 घटनाओं में जहाजों को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं में 7 नाविकों और 1 कर्मचारी की मौत हुई, 4 लोग लापता हैं और 10 लोग घायल हुए हैं।
नागरिक जहाजों पर हमला
ईरान की सरकारी एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ‘सेफसी विष्णु’ को चेतावनी न मानने पर निशाना बनाया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की भी मौत हुई। यह घटना इराक के बसरा के पास खोर अल जुबैर बंदरगाह के नज़दीक हुई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे सभी नागरिक जहाज थे और उनमें कोई सैन्य सामग्री होने का प्रमाण नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार नागरिकों और उनकी संपत्ति पर हमला करना पूरी तरह प्रतिबंधित है, और ऐसा करने पर इसे युद्ध अपराध माना जाता है।
हालांकि इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन ने सभी हमलों के लिए जिम्मेदार पक्ष की पुष्टि नहीं की, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार ईरानी अधिकारियों के बयानों से यह संकेत मिलता है कि वे ऐसे हमले करने की मंशा रखते थे।


