स्वर्णनगरी में मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच अब जैसलमेर में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त होने के बाद मंगलवार अलसुबह आसमान में एक बार फिर बादलों की आवाजाही देखी गई। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 48 घंटों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। जिले में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मार्च के अंत तक पारा 37 डिग्री के पार जा सकता है। मंगलवार की सुबह छाए बादल, लेकिन तपिश बरकरार सोमवार की तेज धूप के बाद मंगलवार अलसुबह आसमान में एक बार फिर बादलों की आवाजाही देखी गई। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बादल बारिश लाने वाले नहीं, बल्कि स्थानीय वायुमंडलीय बदलाव का परिणाम हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, बादलों के छंटने के साथ ही धूप की तीव्रता और बढ़ेगी। पश्चिमी राजस्थान के रेतीले धोरों में अब गर्म हवाओं (लू) के चलने की आहट भी सुनाई देने लगी है। सामान्य से ऊपर पहुंचा रात का पारा सांख्यिकीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार को विशेष रूप से दिन के पारे में 1 डिग्री और रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया। वर्तमान में स्थिति यह है कि अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री नीचे है। वहीं, न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.8 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। दिन और रात के पारे के बीच 13 डिग्री का भारी अंतर बना हुआ है, जिससे सुबह-शाम और दोपहर के अहसास में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है। आने वाले दिनों में और तपेगा मरूस्थल मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 48 घंटों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। जिले में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मार्च के अंत तक पारा 37 डिग्री के पार जा सकता है। स्वास्थ्य पर असर: सावधानी जरूरी तापमान में आ रहे इस अचानक उतार-चढ़ाव और दिन-रात के पारे में 13 डिग्री के बड़े अंतर के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बदलता मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


