सूडान (Sudan) में सेना और अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री) रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ – आरएसएफ (Rapid Support Forces – RSF) के बीच 15 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है। अगले महीने इस युद्ध को 3 साल पूरे हो जाएंगे। युद्ध की वजह से अब तक सूडान में कई हज़ार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। करोड़ों लोगों के सामने अभी भी खाने का संकट है। सूडान में अक्सर ही आरएसएफ का आतंक देखने को मिलता है और आए दिन ही आरएसएफ के लड़ाके कहीं न कहीं कत्लेआम मचाते हैं। एक बार फिर सूडान में हमले का मामला सामने आया है, लेकिन इस बार यह काम आरएसएफ ने नहीं किया।
ड्रोन अटैक से मचा हाहाकार
पश्चिमी कोर्डोफन (Western Kordofan) के लगावा (Lagawa) शहर में ड्रोन अटैक का मामला सामने आया है, जिससे हाहाकार मच गया। यह हमला आवासीय क्षेत्रों में किया गया। सोमवार को इस बारे में आरएसएफ ने जानकारी दी। एक चश्मदीद गवाह ने भी इसकी पुष्टि की।
17 लोगों की हुई मौत
पश्चिमी कोर्डोफन के लगावा शहर में हुए इस ड्रोन अटैक में 17 लोगों की मौत हो गई। इनमें से कई लोगों ने तो घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में महिलाओं और बच्चों के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है।
25 लोग घायल
इस ड्रोन अटैक में 25 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पताल और चिकित्सकीय शिविरों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
आरएसएफ ने सेना पर लगाया आरोप
आरएसएफ ने इस हमले के लिए सेना पर आरोप लगाया है। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग भी उठाई है। आरएसएफ ने कहा कि इस तरह आवासीय क्षेत्रों, अस्पतालों और बाजारों पर हमले करना सही नहीं है। आरएसएफ ने इसे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया जिसके अनुसार निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना गलत है। हालांकि आरएसएफ की यह प्रतिक्रिया दोहरे मापदंड दर्शाती है, क्योंकि अक्सर ही आरएसएफ के लड़ाके आवासीय क्षेत्रों, अस्पतालों और बाजारों पर हमले करते हैं। सेना की तरफ से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


