बुलंदशहर में सोमवार शाम करीब 7 बजे अलीगढ़ अड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ता शाहिद अल्वी से पुलिस ने कथित मारपीट की और उन्हें थाने के लॉकअप में बंद कर दिया। घटना तब हुई जब शाहिद अल्वी ने एक तेज रफ्तार गन्ने के ट्रक को धीमी गति से चलाने के लिए कहा। ट्रक चालक ने गाली-गलौज की और मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक चालक को छोड़कर कांग्रेस कार्यकर्ता को पीटा। शाहिद अल्वी के साथ हुई मारपीट और हिरासत की खबर मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट देर रात 11 बजे पहासू थाने पहुंचे। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता भी थे। उन्होंने पुलिस की कथित तानाशाही के खिलाफ थाने में धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने रिहा किया कार्यकर्ता, जताया खेद जिलाध्यक्ष ने एसपी देहात और एसएसपी को पूरे मामले से अवगत कराया और घंटों तक अवैध हिरासत में रखने की शिकायत की। जिलाध्यक्ष के धरने को देखते हुए पुलिस ने कार्यकर्ता शाहिद अल्वी को रिहा कर दिया और घटना पर खेद व्यक्त किया। इसके बाद ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष धरने से उठे। जिलाध्यक्ष ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप जियाउर्रहमान ने कहा कि पहासू चौकी इंचार्ज और तैनात सिपाही जानबूझकर कांग्रेस कार्यकर्ता से मारपीट की, जो शर्मनाक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हर कीमत पर कार्रवाई कराई जाएगी। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पहासू में तैनात दरोगा और पुलिसकर्मी एसएसपी और एसपी देहात की मंशा को ठेंगा दिखा रहे हैं।


