Sandpaper incident 2018 Black Day: केपटाउन का न्यूलैंड्स स्टेडियम सन्नाटे में डूबा हुआ था, जब टीवी स्क्रीन पर नजर आया एक ऐसा दृश्य, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया। ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज कैमरन बैंक्रॉफ्ट (Cameron Bancroft) गेंद को सैंडपेपर से रगड़ते नजर आए। जिस खेल को बच्चे गली में भी ईमानदारी के साथ खेलते हैं, उसी खेल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुछ सबसे बड़े खिलाड़ियों ने एक ऐसी हरकत की जिसने ‘जेंटलमैन्स गेम’ कहे जाने वाले क्रिकेट पर हमेशा के लिए एक दाग लगा दिया।
स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और डेविड वार्नर (David Warner) जैसे सितारों ने माना कि यह उनका सोचा-समझा प्लान था। उस दिन को हमेशा क्रिकेट के इतिहास में काले दिन की तरह देखा जाएगा। 8 साल बीत गए, लेकिन आज भी यह घटना याद दिलाती है कि किस तरह कुछ खिलाड़ियों की जीत की भूख ने पूरे खेल की साख को शर्मसार कर दिया था।
तीनों खिलाड़ियों पर लगा था बैन
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच सिरीज का तीसरा टेस्ट मैच चल रहा था। सीरीज 1-1 से बराबर थी। दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी के 43वें ओवर में बैंक्रॉफ्ट ने जेब से छोटा पीला ऑब्जेक्ट निकाला और गेंद के एक तरफ रगड़ना शुरू कर दिया। टीवी कैमरे ने इसे लाइव कैद कर लिया। मैच खत्म होते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मिथ के साथ बैंक्रॉफ्ट ने स्वीकार किया कि गेंद को स्विंग कराने के लिए यह उनका प्लान था।
बाद में जांच में साफ हुआ कि असल में सैंडपेपर इस्तेमाल हुआ था, जिसे वार्नर ने सुझाया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने तुरंत एक्शन लिया। स्मिथ और वार्नर को एक साल तक अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट खेलने से बैन किया गया। वहीं बैंक्रॉफ्ट पर नौ महीने का बैन लगा। स्मिथ और बैंक्रॉफ्ट दो साल तक कप्तानी नहीं कर सके, जबकि वार्नर को लाइफटाइम लीडरशिप बैन मिला। तीनों खिलाड़ियों को घटना के तुरंत बाद, सिरीज के बीच में ही घर भेज दिया गया।
दक्षिण अफ्रीका ने जीती विवादित सिरीज
इस घोटाले के बाद दक्षिण अफ्रीका ने तीसरा टेस्ट 322 रनों से जीत लिया। फिर चौथे टेस्ट में भी बड़ी जीत हासिल कर सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली। यह 1970 के बाद दक्षिण अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया पर पहली घरेलू टेस्ट सीरीज जीत थी। मोर्ने मॉर्कल घोषणा कर चुके थे कि यह सीरीज उनकी आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज होगी। उन्होंने न्यूलैंड्स टेस्ट में करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए मैच में 9 विकेट (4/87 और 5/23) लिए। उनके इस प्रदर्शन का साउथ अफ्रीका की जीत में अहम योगदान रहा। मॉर्कल ने सीरीज में कईं महत्वपूर्ण विकेट झटके और रिटायरमेंट से पहले यादगार विदाई ली।
‘सैंडपेपर गेट’ के नाम से कुख्यात यह घटना ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए सबक बनी। टीम ने बाद में कल्चर को बदलने की कोशिश की, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में वह दाग आज भी ताजा है।


