राजगढ़ के खिलचीपुर में पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहे जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को आस्था की फिर से वापसी हो गई। भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा जी की प्रतिमाएं पुलिस टीम के साथ वृंदावन से वापस खिलचीपुर पहुंचीं और उन्हें पुनः मंदिर में विधि-विधान के साथ विराजमान किया गया। प्रतिमाओं के लौटते ही मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच गए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जयकारों के बीच हुआ स्वागत सोमवार देर शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। भगवान के आगमन पर “हरे रामा-हरे कृष्णा” के जयकारों के साथ सामूहिक भजन-कीर्तन शुरू हुआ। ढोल-मंजीरों और तालियों की धुन पर भक्त झूमते नजर आए। शाम करीब 7 बजे आरती का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। देर रात तक मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के माहौल में डूबा रहा। धमकियों से परेशान होकर गए थे वृंदावन दरअसल, कुछ दिन पहले मंदिर के पुजारी विष्णु दास सका कथित रूप से कुछ असामाजिक तत्वों की धमकियों और मारपीट से परेशान हो गए थे। आरोप है कि मंदिर परिसर के आसपास कुछ लोग गांजा पीते थे और वहीं जमावड़ा लगाते थे। पुजारी द्वारा इसका विरोध करने और पुलिस तक शिकायत पहुंचाने के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। प्रतिमाएं लेकर चले गए थे पुजारी इसी से आहत होकर पुजारी गुरुवार रात भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा जी की प्रतिमाएं अपने साथ लेकर वृंदावन चले गए थे। शुक्रवार सुबह जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो गर्भगृह खाली मिला। भगवान की प्रतिमाएं नहीं होने से श्रद्धालु स्तब्ध रह गए और पूरे नगर में मायूसी छा गई थी। पुलिस और लोगों की पहल से सुलझा मामला मामले की गंभीरता को देखते हुए खिलचीपुर पुलिस और नगर के कुछ लोग वृंदावन पहुंचे। वहां पुजारी से चर्चा और समझाइश की गई और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद पुजारी प्रतिमाओं के साथ वापस आने के लिए तैयार हो गए। पुलिस टीम की मौजूदगी में भगवान की प्रतिमाएं सुरक्षित तरीके से खिलचीपुर वापस लाई गईं। सोमवार को उन्हें पूरे विधि-विधान के साथ मंदिर में पुनः स्थापित किया गया। फिर गूंजा भक्ति का माहौल प्रतिमाओं के लौटते ही कई दिनों से सूना पड़ा मंदिर फिर से श्रद्धा और भक्ति से भर गया। शाम को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और गूंजते भजन इस बात का प्रमाण थे कि खिलचीपुर के लोगों के दिलों में भगवान जगन्नाथ के प्रति गहरी आस्था है।


