प्रधान की साजिश में फंसा निर्दोष युवक, 6 दिन जेल में काटे… कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

प्रधान की साजिश में फंसा निर्दोष युवक, 6 दिन जेल में काटे… कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

राजस्थान के अऊ गेट (डीग) निवासी शशि पत्नी सुनील ने किसी मामले में 420, 406, 409, 467, 468, 471 के तहत हेमराज व ताराचंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने जांच पूर्ण कर आरोपी देवेंद्र पुत्र वीरेंद्र, ताराचंद पुत्र मान सिंह निवासी नगला सोहनलाल, अरतौनी सिकंदरा के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया। लगातार अनुपस्थिति के चलते ताराचंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए। थाना सिकंदरा पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू की।

इस जांच के दौरान रुनकता ग्राम प्रधान अनुज कुमार ने लेटर पैड पर ताराचंद पुत्र मान सिंह निवासी नगला सोहनलाल अरतौनी को रुनकता निवासी ताराचंद पुत्र मोहन सिंह निवासी छः विषे जाटव बस्ती बता दिया। प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। थाना डींग पुलिस ने इस साल नौ जनवरी को ताराचंद पुत्र मोहन सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर डीग जेल भेज दिया। पीड़ित ताराचंद ने अपने अधिवक्ता की मदद ली। उसने वार्ड 16 के जिला पंचायत सदस्य से उनके लेटर पैड पर प्रमाण पत्र जारी कराया कि वह निर्दोष है। आरोपी ताराचंद पुत्र मान सिंह निवासी नगला सोहनलाल (अरतौनी) है। इस प्रमाण पत्र को 13 जनवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। तब मामले की सच्चाई सामने आई। सत्यापन होने के बाद 17 जनवरी 2026 को छह दिन बाद निर्दोष तारा चंद जेल से रिहा किया गया।

पीड़ित से छह साल से रंजिश मानता था प्रधान

पीड़ित ताराचंद ने बताया कि ग्राम प्रधान अनुज कुमार के खिलाफ उसने 17 अगस्त 2020 को धारा 323, 325, 352, के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसके चलते ग्राम प्रधान अनुज कुमार उससे रंजिश मानने था। उसने किसी तरह राजस्थान के डीग की रहने वाली शशि से साठ-गांठ कर आपराधिक साजिश रची। बिना अपराध के उसे दो दिन थाना व छः दिन की जेल काटनी पड़ी।

भरतपुर कोर्ट के आदेश पर मुकदमा

पीड़ित ताराचंद्र ने बताया कि इस साजिशकी शिकायत उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान के उच्च अधिकारियों से की। तब कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया। ताराचंद ने पूरे मामले का स्पष्टीकरण पांच फरवरी को भरतपुर में न्यायालय के समक्ष दिए। प्रार्थना पत्र पर अमल में आने के बाद भरतपुर कोर्ट के आदेश पर रुनकता ग्राम प्रधान कुमार के खिलाफ थाना डीग में 175 (3) बीएनएसएस के तहत धारा 229(1) 318,338, 61, 316, 340 में 20 मार्च 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया है।

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