राजस्व का भ्रष्टाचारः सरकारी जमीन नाप कर बता दी निजी, कलेक्टर ने पटवारी आरआई को निलंबित करने के दिए निर्देश

राजस्व का भ्रष्टाचारः सरकारी जमीन नाप कर बता दी निजी, कलेक्टर ने पटवारी आरआई को निलंबित करने के दिए निर्देश

सतना। समय सीमा बैठक में कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने जिले के राजस्व अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने यहां तक कह दिया कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट शून्य हो गया है। कोई काम नहीं कर रहा है और भू-माफियाओं से मिलीभगत अलग देखने को मिल रही है। राजस्व अधिकारियों की अकर्मण्यता और लापरवाही पर भड़के कलेक्टर ने कहा कि यहां के तहसीलदार कलेक्टर के कहने के बाद भी पटवारी से काम नहीं करवा पा रहे है। यह बातें ऊपर लिखकर भेजने की स्थिति बन गई है। कहीं भी लोग मकान बना रहे हैं और अधिकारी मूक दर्शक बने हुए हैं। उन्होंने सरकारी जमीन के गलत सीमांकन पर कोठी तहसीलदार पर जमकर नाराजगी जाहिर की साथ ही पटवारी और आरआई को निलंबित करने के निर्देश दिए। बैठक में डीआईसी के अधिकारी ने बताया कि उनकी जमीन पर निजी भूमि स्वामी ने अतिक्रमण कर घर बना लिया है। चूंकि पिछली बैठक में कलेक्टर इस मामले में संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दे चुके थे। कलेक्टर ने कहा कि हम सरकारी जमीन बचाने को लड़ रहे हैं और आप लोग सो रहे हैं। नियम विरुद्ध सीमांकन कर दिया और उसकी पुष्टि भी कर दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरआई और पटवारी को निलंबित करने का प्रस्ताव मेरे पास भेजें। साथ ही यह आरआई फील्ड में नहीं रहेगा। यहां अटैच करें।

उचेहरा तहसीलदार पर भी नाराजगी

किसी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने उचेहरा तहसीलदार को मैसेज भेज कर कार्यवाही के निर्देश दिए थे। लेकिन तहसीलदार ने इस मैसेज के बाद भी कार्यवाही का प्रतिवेदन नहीं भेजा। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि कलेक्टर के मैसेज के बाद भी आप जवाब नहीं दे सकते हैं तो काम क्या ही कर रहे होंगे। यही वजह है कि किसानों की तहसीलदार से नाराजगी रहती है।

बिरसिंहपुर तहसीलदार पर भड़के

समर्थन मूल्य खरीदी को लेकर किसानों का सत्यापन बिरसिंहपुर तहसील में शून्य पाए जाने पर कलेक्टर तहसीलदार पर जमकर भड़के। कहा कि आपका कोई भी काम सही नहीं है। सभी में पीछे चल रहे हैं। यह सबकुछ सीआर में रिफलेक्ट होगा। आपकी वजह से जनहित के काम प्रभावित हो रहे हैं और कलेक्टर को परेशान होना पड़ रहा है।

डीएसओ से कहा मनमानी बोलना बंद करो

कलेक्टर ने डीएसओ से कहा कि आपके यहां सीएम हेल्पलाइन बहुत लंबित है। डीएसओ ने जवाब दिया तो कलेक्टर ने कहा कि कभी टॉप मोस्ट जिलों से बात करते हो। वहां कैसे काम हो रहा है। भिंड जैसे जिले में शियाकतें नहीं है। बिना बात किए कुछ भी बोल रहे हैं। पूरे प्रदेश में भोपाल के बाद सबसे ज्यादा शिकायतें आपके यहां ही हैं। कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए कहा कि हवा हवाई मत करो। गैस सिलेण्डर की कालाबाजारी का पता कर सख्ती करने के निर्देश दिए।

बीईओ-बीआरसीसी सहित आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस

कलेक्टर ने सोहावल ब्लाक में एचपीवी टीकाकरण की कमजोर प्रगति पर आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी करने कहा। साथ ही बीईओ बीआरसीसी को भी नोटिस देने कहा। यह भी कहा कि कोठी के बीएमओ और बीसीएम की काम करने में कोई रुचि नहीं है।

जल संकट की स्थिति बनी तो किसी को नहीं छोड़ेंगे

ग्रीष्मकाल में पेयजल सप्लाई की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि आगामी ग्रीष्मकाल में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बनाये रखी जाए। जल निगम और पीएचई के अधिकारी परसमनिया और मझगवां के पहाड़ी अंचल के ग्रामों का सतत भ्रमण करें और पेयजल की उपलब्धता बनाये रखने के प्रयास करें। एसडीएम भी व्यक्तिगत निरीक्षण करें। अगर जल संकट जैसी स्थिति है तो मुझे तत्काल सूचित करें। सभी अधिकारी जल संकट की स्थितियों को पूरी गंभीरता से लें। अगर इसमें कोई प्रतिकूल स्थिति बनी तो किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। जल निगम के अधिकारियों पर भी नाराजगी जताई। कहा, जिले भर में काम चल रहा है और कोई समस्या नहीं है। फिर अचानक से बताएंगे। ऐसा नहीं चलेगा। जल निगम के अधिकारी से कहा कि अगली बैठक में पूरी टीम के साथ उपस्थित हों।

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