सहरसा के दो मजदूरों की प्रयागराज में मौत हो गई है। ये दोनों रिश्ते में मामा-भांजा थे। बताया जा रहा है कि प्रयागराज के एक कोल्ड स्टोरेज में काम के दौरान इमारत ढहने से वे मलबे में दब गए, जिससे उनकी जान चली गई। मृतकों की पहचान सहरसा के मशीन्द्र सदा (22) और ज्योतिष सदा (28) के रूप में हुई है। ये सलखुआ प्रखंड के गौरदहा पंचायत अंतर्गत बलियार मुसहरी वार्ड नंबर सात के निवासी थे। मशीन्द्र सदा अविवाहित था और अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। उसकी मां फूलों देवी ने बताया कि, ‘मेरे पति का निधन पिछले साल ही हुआ था और मछिन्द्र ही मेरी और अपनी छोटी बहन की परवरिश कर रहा था।’ घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरी घटना…. ज्योतिष सदा, मशीन्द्र का भांजा था, ज्योतिष बलियार मुसहरी वार्ड नंबर 7 का ही निवासी था। वह दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी पत्नी रीता अपने बच्चों के साथ मायके गई हुई हैं, जबकि उनके माता-पिता भी गांव में नहीं हैं। मामा भांजा दोनों कोल्ड स्टोरेज में आलू के बोरे को उठाने का काम किया करता थे। 10 दिन पहले ही मजदूरी करने गया था मछिन्द्र मशीन्द्र की मां को गांव के ही एक मजदूर ने फोन पर घटना की सूचना दी। बताया गया कि शनिवार दोपहर काम करने के बाद मशीन्द्र और ज्योतिष लंच करने गए थे। लंच के बाद वे कोल्ड स्टोरेज में ही सो गए। इसी दौरान इमारत ढह गई और दोनों मलबे में दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। मशीन्द्र करीब 10 दिन पहले ही गांव के 10 अन्य युवकों के साथ प्रयागराज में आलू के कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी करने गए थे। मामा-भांजा दोनों कोल्ड स्टोरेज में आलू के बोरे उठाने का काम करते थे। कई लोग गंभीर रूप से जख्मी गांव के वार्ड नंबर 7 का ही रहने वाला भगलू सदा का बेटा ननकू सदा (25) कोल्ड स्टोरेज में गिरने के दौरान जख्मी हो गया है। जिसका प्रयागराज के अस्पताल में इलाज चल रहा है। भगलू सदा ने बताया कि उनका बेटा और उनका एक पोता दिलचंद कोल्ड स्टोरेज में ही मजदूरी किया करता है। दिलचंद ने फोन कर उसे सूचना दिया कि ननकु सदा समेत कई लोग गंभीर रूप से वहां जख्मी हो गए हैं जिनका नजदीक के अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि गांव के मशीन्द्र और ज्योतिष की हादसे में जान चली गई है। वहीं, महेश सदा (22) कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी किया करता है वह भी जख्मी है। ”गांव से 10 मजदूर गए थे वहां काम करने” जख्मी बेटे के पिता भगलू सदा ने बताया कि, ‘गांव से 10 मजदूर गए थे वहां काम करने के लिए। आज मेरे पोते दिलचंद ने फोन कर सूचना दिया कि ज्योतिष और उसकी मामा मछिंद्र का कोल्ड स्टोरेज में दबने से मौत हो गई है। जबकि मेरा बेटा गंभीर रूप से जख्मी है जिसका इलाज वहां के अस्पताल में चल रहा है।’ मृतक की मां बोली- मेरे इलाज का भी सारा समाधान मेरा बेटा करता था मृतका की मां फूलों देवी ने बताया कि, ‘गांव के ही बालवीर ठेकेदार ने गांव से 10 लोगों को रोजगार के लिए कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी के लिए ले गया था। अभी पिता का बरसी भी नहीं हुआ है और कल रात मेरी उससे बातचीत हुई थी तो बता रहा था कि कुछ हिसाब करके वापस गांव आ जाऊंगा। लेकिन आज सूचना मिली कि वह लंच करके कोल्ड स्टोरेज में ही सो गया था इसी दरमियान इमारत धह गई और उसकी मौत हो गई है।’ फूलों देवी ने बताया कि, ‘उसका भांजा और मेरे बेटे की मौत बोरे के नीचे दबने से हो गई है। उसका शव मिल नही रहा था काफी खोजबीन कर निकाला गया तो वह नीचे बहुत ज्यादा दब गया था, जिस वजह से मौत हुई। इसकी कमाई से पूरा परिवार चलता था, अब कैसे घर का चूल्हा जलेगा यह बहुत बड़ा समस्या हो गया है। मेरे इलाज का भी सारा समाधान मेरा बेटा करता था।’ उन्होंने आगे कहा, बाकी बेटे शादी होने के बाद अपनी अपनी बीवियों के साथ अलग-अलग बस गए हैं। उसकी बेटी के सहारे मेरा एक छोटा बेटा और मेरी एक बेटी पलती है। इस वर्ष 1 साल पूरे होने पर वह अपने पिता की बरसी भी करता लेकिन उसकी मौत हो चुकी है। SDRF की टीम मौके पर पहुंची प्रयागराज के पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने कहा, ‘’घटना चांगपुर गांव के फाफामऊ में हुई है। यह आदर्श कोल्ड स्टोरेज है। यहां की छत गिर गई है। हमारी टीम घटनास्थल पर मौजूद है। एसडीआरएफ टीम भी यहां मौजूद है। एसडीआरएफ की तीन टीमें और आ चुकी हैं। एनडीआरएफ की टीम बनारस से आ गई है। वे बचाव कार्य के लिए यहां मौजूद हैं।” अमोनिया का रिसाव बताया गया – DM मनीष कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के DM मनीष कुमार वर्मा ने बताया, “फाफामऊ स्थित एक कोल्ड स्टोरेज सुविधा में दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच सूचना मिली कि कुछ इमारतें ढह गई हैं। सूचना मिलते ही सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जांच के बाद सारी चीजें पता चलेंगी। मेडिकल के एक्सपर्ट्स भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। अमोनिया का रिसाव बताया गया है। उसका कितना प्रभाव हुआ है वो जांच की जा रही है।” सहरसा के दो मजदूरों की प्रयागराज में मौत हो गई है। ये दोनों रिश्ते में मामा-भांजा थे। बताया जा रहा है कि प्रयागराज के एक कोल्ड स्टोरेज में काम के दौरान इमारत ढहने से वे मलबे में दब गए, जिससे उनकी जान चली गई। मृतकों की पहचान सहरसा के मशीन्द्र सदा (22) और ज्योतिष सदा (28) के रूप में हुई है। ये सलखुआ प्रखंड के गौरदहा पंचायत अंतर्गत बलियार मुसहरी वार्ड नंबर सात के निवासी थे। मशीन्द्र सदा अविवाहित था और अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। उसकी मां फूलों देवी ने बताया कि, ‘मेरे पति का निधन पिछले साल ही हुआ था और मछिन्द्र ही मेरी और अपनी छोटी बहन की परवरिश कर रहा था।’ घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरी घटना…. ज्योतिष सदा, मशीन्द्र का भांजा था, ज्योतिष बलियार मुसहरी वार्ड नंबर 7 का ही निवासी था। वह दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी पत्नी रीता अपने बच्चों के साथ मायके गई हुई हैं, जबकि उनके माता-पिता भी गांव में नहीं हैं। मामा भांजा दोनों कोल्ड स्टोरेज में आलू के बोरे को उठाने का काम किया करता थे। 10 दिन पहले ही मजदूरी करने गया था मछिन्द्र मशीन्द्र की मां को गांव के ही एक मजदूर ने फोन पर घटना की सूचना दी। बताया गया कि शनिवार दोपहर काम करने के बाद मशीन्द्र और ज्योतिष लंच करने गए थे। लंच के बाद वे कोल्ड स्टोरेज में ही सो गए। इसी दौरान इमारत ढह गई और दोनों मलबे में दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। मशीन्द्र करीब 10 दिन पहले ही गांव के 10 अन्य युवकों के साथ प्रयागराज में आलू के कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी करने गए थे। मामा-भांजा दोनों कोल्ड स्टोरेज में आलू के बोरे उठाने का काम करते थे। कई लोग गंभीर रूप से जख्मी गांव के वार्ड नंबर 7 का ही रहने वाला भगलू सदा का बेटा ननकू सदा (25) कोल्ड स्टोरेज में गिरने के दौरान जख्मी हो गया है। जिसका प्रयागराज के अस्पताल में इलाज चल रहा है। भगलू सदा ने बताया कि उनका बेटा और उनका एक पोता दिलचंद कोल्ड स्टोरेज में ही मजदूरी किया करता है। दिलचंद ने फोन कर उसे सूचना दिया कि ननकु सदा समेत कई लोग गंभीर रूप से वहां जख्मी हो गए हैं जिनका नजदीक के अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि गांव के मशीन्द्र और ज्योतिष की हादसे में जान चली गई है। वहीं, महेश सदा (22) कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी किया करता है वह भी जख्मी है। ”गांव से 10 मजदूर गए थे वहां काम करने” जख्मी बेटे के पिता भगलू सदा ने बताया कि, ‘गांव से 10 मजदूर गए थे वहां काम करने के लिए। आज मेरे पोते दिलचंद ने फोन कर सूचना दिया कि ज्योतिष और उसकी मामा मछिंद्र का कोल्ड स्टोरेज में दबने से मौत हो गई है। जबकि मेरा बेटा गंभीर रूप से जख्मी है जिसका इलाज वहां के अस्पताल में चल रहा है।’ मृतक की मां बोली- मेरे इलाज का भी सारा समाधान मेरा बेटा करता था मृतका की मां फूलों देवी ने बताया कि, ‘गांव के ही बालवीर ठेकेदार ने गांव से 10 लोगों को रोजगार के लिए कोल्ड स्टोरेज में मजदूरी के लिए ले गया था। अभी पिता का बरसी भी नहीं हुआ है और कल रात मेरी उससे बातचीत हुई थी तो बता रहा था कि कुछ हिसाब करके वापस गांव आ जाऊंगा। लेकिन आज सूचना मिली कि वह लंच करके कोल्ड स्टोरेज में ही सो गया था इसी दरमियान इमारत धह गई और उसकी मौत हो गई है।’ फूलों देवी ने बताया कि, ‘उसका भांजा और मेरे बेटे की मौत बोरे के नीचे दबने से हो गई है। उसका शव मिल नही रहा था काफी खोजबीन कर निकाला गया तो वह नीचे बहुत ज्यादा दब गया था, जिस वजह से मौत हुई। इसकी कमाई से पूरा परिवार चलता था, अब कैसे घर का चूल्हा जलेगा यह बहुत बड़ा समस्या हो गया है। मेरे इलाज का भी सारा समाधान मेरा बेटा करता था।’ उन्होंने आगे कहा, बाकी बेटे शादी होने के बाद अपनी अपनी बीवियों के साथ अलग-अलग बस गए हैं। उसकी बेटी के सहारे मेरा एक छोटा बेटा और मेरी एक बेटी पलती है। इस वर्ष 1 साल पूरे होने पर वह अपने पिता की बरसी भी करता लेकिन उसकी मौत हो चुकी है। SDRF की टीम मौके पर पहुंची प्रयागराज के पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने कहा, ‘’घटना चांगपुर गांव के फाफामऊ में हुई है। यह आदर्श कोल्ड स्टोरेज है। यहां की छत गिर गई है। हमारी टीम घटनास्थल पर मौजूद है। एसडीआरएफ टीम भी यहां मौजूद है। एसडीआरएफ की तीन टीमें और आ चुकी हैं। एनडीआरएफ की टीम बनारस से आ गई है। वे बचाव कार्य के लिए यहां मौजूद हैं।” अमोनिया का रिसाव बताया गया – DM मनीष कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के DM मनीष कुमार वर्मा ने बताया, “फाफामऊ स्थित एक कोल्ड स्टोरेज सुविधा में दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच सूचना मिली कि कुछ इमारतें ढह गई हैं। सूचना मिलते ही सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जांच के बाद सारी चीजें पता चलेंगी। मेडिकल के एक्सपर्ट्स भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। अमोनिया का रिसाव बताया गया है। उसका कितना प्रभाव हुआ है वो जांच की जा रही है।”


