पूर्णिया के के. नगर प्रखंड के मंजरा स्थित माता कामाख्या स्थान इन दिनों आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां प्लस टू स्कूल के क्रीड़ा मैदान में राजकीय कामाख्या महोत्सव मेले का भव्य आयोजन किया गया है। पूरे इलाके में भक्ति का माहौल है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। महोत्सव की खास बात ये है कि यहां श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रसिद्ध कथा वाचिका राधा किशोरी जी पहुंची हैं। उनके साथ काशी विद्यापीठ से आए विद्वान आचार्य पंडित तिवारी बाबा का भी सानिध्य मिल रहा है, जिससे कार्यक्रम और भी दिव्य बन गया है। हजारों श्रद्धालु भक्ति में डूब गए सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। इस दौरान प्रधान जजमान उदय शुक्ला और रिंकू शुक्ला ने विधि-विधान से व्यासपीठ का पूजन किया। इसके बाद राधा किशोरी और तिवारी बाबा का माल्यार्पण और अंगवस्त्र देकर भव्य स्वागत किया गया। कथा के दौरान राधा किशोरी ने भक्तों को बहुत ही सरल शब्दों में समझाया कि माता कामाख्या शक्ति की प्रतीक हैं, जबकि श्रीमद्भागवत भक्ति का। जब जीवन में शक्ति और भक्ति दोनों का संगम होता है, तो इंसान का जीवन सफल हो जाता है। भगवान की कथा को उन्होंने कल्पवृक्ष के समान बताया, जो मनुष्य को परमात्मा से जोड़ती है। उनकी बातों का असर ऐसा रहा कि कथा स्थल पर मौजूद हजारों श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। पूरा माहौल जय माता दी और राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। कामाख्या महोत्सव भक्ति, आस्था और संस्कृति का शानदार संगम बन गया है, जहां हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्था जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुबोध मेहता और पूर्व प्रखंड अध्यक्ष उदय शुक्ला ने मंत्री लेसी सिंह की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच से ADM, DDC, BDO आशीष कुमार सहित कई अधिकारियों और गणमान्य लोगों का सम्मान किया गया। महोत्सव को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति और स्थानीय कार्यकर्ता पूरी मेहनत कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के बैठने, कथा सुनने और अन्य सुविधाओं के लिए अच्छे इंतजाम किए गए हैं। पूर्णिया के के. नगर प्रखंड के मंजरा स्थित माता कामाख्या स्थान इन दिनों आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां प्लस टू स्कूल के क्रीड़ा मैदान में राजकीय कामाख्या महोत्सव मेले का भव्य आयोजन किया गया है। पूरे इलाके में भक्ति का माहौल है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। महोत्सव की खास बात ये है कि यहां श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रसिद्ध कथा वाचिका राधा किशोरी जी पहुंची हैं। उनके साथ काशी विद्यापीठ से आए विद्वान आचार्य पंडित तिवारी बाबा का भी सानिध्य मिल रहा है, जिससे कार्यक्रम और भी दिव्य बन गया है। हजारों श्रद्धालु भक्ति में डूब गए सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। इस दौरान प्रधान जजमान उदय शुक्ला और रिंकू शुक्ला ने विधि-विधान से व्यासपीठ का पूजन किया। इसके बाद राधा किशोरी और तिवारी बाबा का माल्यार्पण और अंगवस्त्र देकर भव्य स्वागत किया गया। कथा के दौरान राधा किशोरी ने भक्तों को बहुत ही सरल शब्दों में समझाया कि माता कामाख्या शक्ति की प्रतीक हैं, जबकि श्रीमद्भागवत भक्ति का। जब जीवन में शक्ति और भक्ति दोनों का संगम होता है, तो इंसान का जीवन सफल हो जाता है। भगवान की कथा को उन्होंने कल्पवृक्ष के समान बताया, जो मनुष्य को परमात्मा से जोड़ती है। उनकी बातों का असर ऐसा रहा कि कथा स्थल पर मौजूद हजारों श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। पूरा माहौल जय माता दी और राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। कामाख्या महोत्सव भक्ति, आस्था और संस्कृति का शानदार संगम बन गया है, जहां हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्था जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुबोध मेहता और पूर्व प्रखंड अध्यक्ष उदय शुक्ला ने मंत्री लेसी सिंह की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच से ADM, DDC, BDO आशीष कुमार सहित कई अधिकारियों और गणमान्य लोगों का सम्मान किया गया। महोत्सव को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति और स्थानीय कार्यकर्ता पूरी मेहनत कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के बैठने, कथा सुनने और अन्य सुविधाओं के लिए अच्छे इंतजाम किए गए हैं।


