US-Iran-Israel: ईरान पर पिछले महीने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दुनिया के कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। इसके बावजूद मौजूदा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने ईरान युद्ध में रूस की भूमिका को उजागर किया है। उन्होंने इसके सबूत होने का भी बड़ा दावा किया है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा कि उनके पास इस बात के प्रमाण हैं कि रूस युद्ध के लिए ईरान को खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है। यह सहायता ईरान को अपना अस्तित्व बनाए रखने में मदद कर रही है और युद्ध को लंबा खींच रही है।
ज़ेलेंस्की ने कहा, ‘इस बात के प्रमाण मिल रहे हैं कि रूसी सरकार ईरानी शासन को खुफिया सहायता देना जारी रखे हुए है। यह स्पष्ट रूप से एक विनाशकारी गतिविधि है और इसे रोकना होगा, क्योंकि इससे केवल अस्थिरता बढ़ेगी। सभी सभ्य देश सुरक्षा सुनिश्चित करने और बड़े संकट को रोकने में रुचि रखते हैं। बाजार पहले से ही नकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इससे कई देशों में ईंधन की स्थिति काफी जटिल हो रही है। ईरानी सरकार को सत्ता में बने रहने और अधिक सटीक हमले करने में मदद करके, रूस प्रभावी रूप से युद्ध को लंबा खींच रहा है। इसका जवाब दिया जाना चाहिए।’
लावरोव और अराघची के बीच बातचीत
इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) से बातचीत की। रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया ऐप X पर एक पोस्ट में कहा, ’23 मार्च को विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और सैयद अब्बास अराघची ने फोन पर बातचीत की। मंत्रियों ने अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता के कारण फारस की खाड़ी में बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कैस्पियन क्षेत्र में संघर्ष के खतरनाक विस्तार पर भी चिंता व्यक्त की।’
एक आधिकारिक बयान में सर्गेई लावरोवने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे, जिसमें बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी शामिल है, पर अमेरिका-इज़रायल द्वारा किए गए हमलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे रूसी कर्मियों की सुरक्षा के लिए अस्वीकार्य जोखिम पैदा हो रहा है। साथ ही चेतावनी दी कि इस तरह के कदम क्षेत्र के सभी देशों के लिए, बिना किसी अपवाद के, विनाशकारी पर्यावरणीय परिणाम ला सकते हैं।
ईरान-लेबनान पर हमले जारी रखने का संकल्प
उधर, ईरान से बढ़ते तनाव के बीच इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। दोनों एक ऐसे समझौते के जरिए युद्ध के उद्देश्यों को हासिल करने पर सहमत हुए, जो उनके महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेगा। बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और लेबनान पर हमले जारी रखने का भी संकल्प व्यक्त किया।



On March 23, FMs Sergey
(@mfa_russia)