‘मैं 4Km दूर था, दुलारचंद हत्याकांड में मुझे फंसाया गया’:लैंड क्रूजर में बैठकर जेल से बाहर आए अनंत सिंह; मोकामा में 50Km लंबा रोड शो

‘मैं 4Km दूर था, दुलारचंद हत्याकांड में मुझे फंसाया गया’:लैंड क्रूजर में बैठकर जेल से बाहर आए अनंत सिंह; मोकामा में 50Km लंबा रोड शो

जदयू विधायक और बाहुबली अनंत सिंह आज मोकामा में करीब 50 किमी लंबा रोड शो करेंगे। रोड शो के दौरान मोकामा से सड़क मार्ग से बड़हिया महारानी स्थान जाएंगे और पूजा करेंगे। रास्ते में कई जगह समर्थक उनका स्वागत करेंगे। अनंत सिंह सोमवार (23 मार्च) को लैंड क्रूजर में बैठकर बेऊर जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों ने नारेबाजी की। बाहुबली जेल से घर के लिए निकले। उनके साथ 50 गाड़ियों का काफिला था। जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह सीधे विधायक आवास पहुंचे। यहां उन्होंने हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है और वे घटना के समय स्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर थे। रिपोर्टर ने जब सवाल किया कि बार-बार आपको ही क्यों फंसाया जाता है तो इसपर वे झल्ला गए। उन्होंने कहा, “बार-बार काहे फंसाया गया, हम बताएं? तुम ही जाकर पूछो। सब लोग जानते हैं कि हम 4 किमी दूर थे।” अनंत सिंह की रिहाई के बाद जश्न की तस्वीरें… पटना में अनंत सिंह के समर्थकों के लिए भोज पटना में अनंत सिंह के रिहा होने की खुशी में माल रोड स्थित उनके आवास पर भव्य स्वागत की तैयारी की गई। आवास परिसर में विशाल पंडाल लगाया गया था और करीब 1 से डेढ़ हजार कुर्सियां मंगाई गई थीं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले समर्थकों के बैठने की व्यवस्था हो सके। गर्मी को देखते हुए बड़े-बड़े पंखे और कूलर लगाए गए थे, जिससे समर्थकों को किसी तरह की परेशानी न हो। दावत में 15 हजार से अधिक समर्थक पहुंचे। मेहमानों के लिए करीब 3 लाख रसगुल्ले के साथ समोसा, पुड़ी, सब्जी, पुलाव समेत कई तरह के व्यंजनों की खास व्यवस्था की गई थी। माहौल पूरी तरह जश्नमय रहा। दुलारचंद मर्डर केस में मिली है बेल 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। जिसके बाद 1 नवंबर को पटना SSP ने मोकामा आवास से विधायक को अरेस्ट किया था। कोर्ट में पेशी के बाद 2 नवंबर को अनंत सिंह को बेऊर जेल भेजा गया, लगभग 4 महीने बाद 20 मार्च को राजद नेता को दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली है। अब जानिए दुलारचंद हत्याकांड की पूरी कहानी हत्या के दूसरी रात हुई थी गिरफ्तारी 30 अक्टूबर को मोकामा टाल में दुलारचंद की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा खुद अनंत सिंह के आवास मोकामा पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया। करीब 4 महीने से वो जेल में बंद हैं। पिछली सुनवाई में अनंत सिंह के वकील ने बेल को लेकर पटना हाईकोर्ट में 4 दलील रखी थी। पटना HC में रखी गई 4 दलीलें… 1. अनंत सिंह पर आरोप था कि उन्होंने दुलारचंद यादव के बाएं पैर की ऐड़ी में खुद गोली मारी थी। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण में लाठी से मारना और गाड़ी से कुचलने का जिक्र है। 2. महत्वपूर्ण दलील यह दी कि घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान लिए गए थे और किसी ने भी अपने बयान में ये नहीं कहा कि अनंत सिंह ने गोली चलाई थी। 3. दुलारचंद के जिस पोते के बयान पर केस दर्ज हुआ, उसने अपने पिता को जब पहला कॉल किया था तब कहा कि दादा जी की मौत हो गई है, ये नहीं कहा कि उनकी हत्या हुई है। 4. अनंत सिंह एक पॉलिटिशियन हैं और इस वजह से भी लोग उनके ऊपर बेवजह का आरोप लगाते रहते हैं। दुलारचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह गहरे घाव और खून जमने के निशान मिले। फेफड़े (लंग्स) फटे हुए मिले, जिससे अधिक मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई है। छाती की कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं। खासकर दाहिनी ओर रीढ़ की हड्डी (वर्टिब्रा) के पास भी चोटों के निशान मिले। सिर, घुटने, टखने और पीठ पर गहरे जख्म और चोटें पाई गईं। इसी के साथ दाहिने पैर के पास फायरआर्म (गनशॉट) इंजरी का जिक्र, यानी गोली लगने के निशान हैं। दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई। बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है। दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी को कहा था नाचने वाली दुलारचंद ने हत्या से 2 दिन पहले अनंत सिंह की पत्नी के लिए आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। उन्होंने कहा था, ‘वो नीलम देवी नहीं नीलम खातून है। चुनाव लड़ रही थी तो लोग दरी लेकर दौड़ रहे थे। कह रहे थे कि नाचने वाली आई है। अनंत सिंह ने उसे रख लिया। दोनों की कोई शादी हुई थी? नीलम देवी भूमिहार थोड़े ही है।’ चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं अनंत सिंह जदयू विधायक अनंत सिंह ने ऐलान कहा है कि वो अब विधानसभा चुनाव का चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग करने के बाद जब वो बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया से बात की। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे। बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ‘नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा।’ निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए। जदयू विधायक और बाहुबली अनंत सिंह आज मोकामा में करीब 50 किमी लंबा रोड शो करेंगे। रोड शो के दौरान मोकामा से सड़क मार्ग से बड़हिया महारानी स्थान जाएंगे और पूजा करेंगे। रास्ते में कई जगह समर्थक उनका स्वागत करेंगे। अनंत सिंह सोमवार (23 मार्च) को लैंड क्रूजर में बैठकर बेऊर जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों ने नारेबाजी की। बाहुबली जेल से घर के लिए निकले। उनके साथ 50 गाड़ियों का काफिला था। जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह सीधे विधायक आवास पहुंचे। यहां उन्होंने हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है और वे घटना के समय स्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर थे। रिपोर्टर ने जब सवाल किया कि बार-बार आपको ही क्यों फंसाया जाता है तो इसपर वे झल्ला गए। उन्होंने कहा, “बार-बार काहे फंसाया गया, हम बताएं? तुम ही जाकर पूछो। सब लोग जानते हैं कि हम 4 किमी दूर थे।” अनंत सिंह की रिहाई के बाद जश्न की तस्वीरें… पटना में अनंत सिंह के समर्थकों के लिए भोज पटना में अनंत सिंह के रिहा होने की खुशी में माल रोड स्थित उनके आवास पर भव्य स्वागत की तैयारी की गई। आवास परिसर में विशाल पंडाल लगाया गया था और करीब 1 से डेढ़ हजार कुर्सियां मंगाई गई थीं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले समर्थकों के बैठने की व्यवस्था हो सके। गर्मी को देखते हुए बड़े-बड़े पंखे और कूलर लगाए गए थे, जिससे समर्थकों को किसी तरह की परेशानी न हो। दावत में 15 हजार से अधिक समर्थक पहुंचे। मेहमानों के लिए करीब 3 लाख रसगुल्ले के साथ समोसा, पुड़ी, सब्जी, पुलाव समेत कई तरह के व्यंजनों की खास व्यवस्था की गई थी। माहौल पूरी तरह जश्नमय रहा। दुलारचंद मर्डर केस में मिली है बेल 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। जिसके बाद 1 नवंबर को पटना SSP ने मोकामा आवास से विधायक को अरेस्ट किया था। कोर्ट में पेशी के बाद 2 नवंबर को अनंत सिंह को बेऊर जेल भेजा गया, लगभग 4 महीने बाद 20 मार्च को राजद नेता को दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली है। अब जानिए दुलारचंद हत्याकांड की पूरी कहानी हत्या के दूसरी रात हुई थी गिरफ्तारी 30 अक्टूबर को मोकामा टाल में दुलारचंद की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा खुद अनंत सिंह के आवास मोकामा पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया। करीब 4 महीने से वो जेल में बंद हैं। पिछली सुनवाई में अनंत सिंह के वकील ने बेल को लेकर पटना हाईकोर्ट में 4 दलील रखी थी। पटना HC में रखी गई 4 दलीलें… 1. अनंत सिंह पर आरोप था कि उन्होंने दुलारचंद यादव के बाएं पैर की ऐड़ी में खुद गोली मारी थी। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण में लाठी से मारना और गाड़ी से कुचलने का जिक्र है। 2. महत्वपूर्ण दलील यह दी कि घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान लिए गए थे और किसी ने भी अपने बयान में ये नहीं कहा कि अनंत सिंह ने गोली चलाई थी। 3. दुलारचंद के जिस पोते के बयान पर केस दर्ज हुआ, उसने अपने पिता को जब पहला कॉल किया था तब कहा कि दादा जी की मौत हो गई है, ये नहीं कहा कि उनकी हत्या हुई है। 4. अनंत सिंह एक पॉलिटिशियन हैं और इस वजह से भी लोग उनके ऊपर बेवजह का आरोप लगाते रहते हैं। दुलारचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह गहरे घाव और खून जमने के निशान मिले। फेफड़े (लंग्स) फटे हुए मिले, जिससे अधिक मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई है। छाती की कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं। खासकर दाहिनी ओर रीढ़ की हड्डी (वर्टिब्रा) के पास भी चोटों के निशान मिले। सिर, घुटने, टखने और पीठ पर गहरे जख्म और चोटें पाई गईं। इसी के साथ दाहिने पैर के पास फायरआर्म (गनशॉट) इंजरी का जिक्र, यानी गोली लगने के निशान हैं। दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई। बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है। दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी को कहा था नाचने वाली दुलारचंद ने हत्या से 2 दिन पहले अनंत सिंह की पत्नी के लिए आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। उन्होंने कहा था, ‘वो नीलम देवी नहीं नीलम खातून है। चुनाव लड़ रही थी तो लोग दरी लेकर दौड़ रहे थे। कह रहे थे कि नाचने वाली आई है। अनंत सिंह ने उसे रख लिया। दोनों की कोई शादी हुई थी? नीलम देवी भूमिहार थोड़े ही है।’ चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं अनंत सिंह जदयू विधायक अनंत सिंह ने ऐलान कहा है कि वो अब विधानसभा चुनाव का चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग करने के बाद जब वो बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया से बात की। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे। बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ‘नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा।’ निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए।  

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