नीतीश के करीबी IAS अफसर जाना चाहते हैं दिल्ली:नए CM के आने से पहले छोड़ना चाहते हैं बिहार, जानिए कौन-कौन ब्यूरोक्रेट्स लाइन में

नीतीश के करीबी IAS अफसर जाना चाहते हैं दिल्ली:नए CM के आने से पहले छोड़ना चाहते हैं बिहार, जानिए कौन-कौन ब्यूरोक्रेट्स लाइन में

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। वह आने वाले दिनों में सीएम नहीं होंगे। नए सीएम के आने से पहले ही बिहार की आईएएस लॉबी भी अपना गुणा-गणित बैठाने लगी है। कुछ आईएएस अफसर तो बिहार छोड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। वो दिल्ली जाने की जुगाड़ बैठा रहे हैं। वहीं, कुछ इस इंतजार में हैं कि किसे नया सीएम बनाया जाता है। नीतीश करीब 2 दशक से सीएम हैं। वर्षों तक उनके करीब रहे आईएएस अफसर अब सत्ता बदलती देख खुद को किसी और राज्य या केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में शिफ्ट करने में लग गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की परिक्रमा लगानी शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए कौन से IAS अफसर दिल्ली डेपुटेशन पर जाना चाहते हैं? डेपुटेशन का क्या नियम है? कौन वापस बिहार आएंगे? पहले, दिल्ली जाने की चाहत रखने वाले आईएएस अफसरों को जानिए 1- डॉ. बी राजेंद्र: 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एससीएस हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में 28 मार्च 2022 से तैनात हैं। इनके पास बिपार्ड डीजी, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और जन शिकायत सचिव जैसे अहम जिम्मेदारी भी है। बी राजेंद्र मूल रूप से तेलंगाना के हैं। केंद्र सरकार ने इन्हें सेक्रेटरी लेवल में इनपैनल किया है। पिछले महीने इनका इनपैनलमेंट हुआ है। लिहाजा, दिल्ली जाने की इच्छा रखते हैं। 2- डॉ. गोपाल सिंह: 2003 बैच के वन सेवा के अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में लंबे समय से काम कर रहें हैं। इनके पास क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक की जिम्मेदारी भी है। वह 26 नवंबर 2021 से इस पद पर तैनात हैं। बिहार सरकार ने इन्हें पिछले साल ही केंद्र सरकार की सेवा में जाने की अनुमति दी थी। 3. डॉ सफीना एन: बिहार कैडर की 1997 बैच की आईएएस अधिकारी सफीना मौजूदा वक्त में बिहार के मगध डिवीजन की कमिश्नर हैं। बिपार्ड गया के अपर महानिदेशक का एडिशनल चार्ज भी इनके पास है। वह कृषि में पीएचडी की डिग्रीधारी हैं। मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं। मगध कमिश्नर के पद पर 13 अप्रैल 2025 से तैनात हैं। 4. गोपाल मीणा: 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा मौजूदा वक्त में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव हैं। 31 मई 2025 से सचिव के पद पर तैनात हैं। सरकार ने इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का एडिशनल चार्ज सौंप रखा है। मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। कम्प्यूटर साइंस से मास्टर डिग्री हासिल की है। 5. डॉ. प्रतिमा एस वर्मा: 2002 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन विभाग की सचिव हैं। सरकार ने इन्हें दिल्ली निवास में भी तैनात कर रखा है। 31 अगस्त 2024 को इन्हें मौजूदा पद पर तैनात किया गया था। मूल रूप से कर्नाटक की हैं। मेडिसिन से एमबीबीएस हैं। अब जानिए, दिल्ली डेपुटेशन का फार्मूला क्या है? बिहार कैडर के 70 आईएएस ही दिल्ली डेप्यूट हो सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के 30 आईएएस दिल्ली में हैं। दिल्ली गए आईएएस अधिकारियों को सामान्य तौर पर 5 साल का टर्म पूरा करने के बाद बिहार (अपने गृह कैडर) लौटना होता है। हालांकि, कई आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार से तालमेल कर कई साल दिल्ली में बने रहते हैं। उप सचिव स्तर तक पहुंचने के बाद आईएएस अधिकारियों को दिल्ली जाना होता है। यदि इस स्तर में नहीं जाते हैं तो बाद में जाने के लिए हाई लेवल के जुगाड़ की जरूरत होती है। सेक्रेटरी लेवल में जुड़ने के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं। नीतीश की विदाई के साथ ही दिल्ली से लौट रहे ये आईएएस दूसरी ओर सीएम पद से नीतीश कुमार की विदाई के साथ ही दिल्ली से कुछ आईएएस बिहार लौट रहें हैं। इनमें पहला नाम आईएएस आर लक्ष्मण का है। 2004 बैच के आईएएस अधिकारी लक्ष्मण पीएमओ में तैनात थे। दिल्ली से बिहार लौट रहे हैं। वह 2 फरवरी 2026 को दो महीने की छुट्टी गए थे। इसके बाद बिहार में योगदान देंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। वह आने वाले दिनों में सीएम नहीं होंगे। नए सीएम के आने से पहले ही बिहार की आईएएस लॉबी भी अपना गुणा-गणित बैठाने लगी है। कुछ आईएएस अफसर तो बिहार छोड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। वो दिल्ली जाने की जुगाड़ बैठा रहे हैं। वहीं, कुछ इस इंतजार में हैं कि किसे नया सीएम बनाया जाता है। नीतीश करीब 2 दशक से सीएम हैं। वर्षों तक उनके करीब रहे आईएएस अफसर अब सत्ता बदलती देख खुद को किसी और राज्य या केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में शिफ्ट करने में लग गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की परिक्रमा लगानी शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए कौन से IAS अफसर दिल्ली डेपुटेशन पर जाना चाहते हैं? डेपुटेशन का क्या नियम है? कौन वापस बिहार आएंगे? पहले, दिल्ली जाने की चाहत रखने वाले आईएएस अफसरों को जानिए 1- डॉ. बी राजेंद्र: 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एससीएस हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में 28 मार्च 2022 से तैनात हैं। इनके पास बिपार्ड डीजी, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और जन शिकायत सचिव जैसे अहम जिम्मेदारी भी है। बी राजेंद्र मूल रूप से तेलंगाना के हैं। केंद्र सरकार ने इन्हें सेक्रेटरी लेवल में इनपैनल किया है। पिछले महीने इनका इनपैनलमेंट हुआ है। लिहाजा, दिल्ली जाने की इच्छा रखते हैं। 2- डॉ. गोपाल सिंह: 2003 बैच के वन सेवा के अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में लंबे समय से काम कर रहें हैं। इनके पास क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक की जिम्मेदारी भी है। वह 26 नवंबर 2021 से इस पद पर तैनात हैं। बिहार सरकार ने इन्हें पिछले साल ही केंद्र सरकार की सेवा में जाने की अनुमति दी थी। 3. डॉ सफीना एन: बिहार कैडर की 1997 बैच की आईएएस अधिकारी सफीना मौजूदा वक्त में बिहार के मगध डिवीजन की कमिश्नर हैं। बिपार्ड गया के अपर महानिदेशक का एडिशनल चार्ज भी इनके पास है। वह कृषि में पीएचडी की डिग्रीधारी हैं। मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं। मगध कमिश्नर के पद पर 13 अप्रैल 2025 से तैनात हैं। 4. गोपाल मीणा: 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा मौजूदा वक्त में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव हैं। 31 मई 2025 से सचिव के पद पर तैनात हैं। सरकार ने इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का एडिशनल चार्ज सौंप रखा है। मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। कम्प्यूटर साइंस से मास्टर डिग्री हासिल की है। 5. डॉ. प्रतिमा एस वर्मा: 2002 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन विभाग की सचिव हैं। सरकार ने इन्हें दिल्ली निवास में भी तैनात कर रखा है। 31 अगस्त 2024 को इन्हें मौजूदा पद पर तैनात किया गया था। मूल रूप से कर्नाटक की हैं। मेडिसिन से एमबीबीएस हैं। अब जानिए, दिल्ली डेपुटेशन का फार्मूला क्या है? बिहार कैडर के 70 आईएएस ही दिल्ली डेप्यूट हो सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के 30 आईएएस दिल्ली में हैं। दिल्ली गए आईएएस अधिकारियों को सामान्य तौर पर 5 साल का टर्म पूरा करने के बाद बिहार (अपने गृह कैडर) लौटना होता है। हालांकि, कई आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार से तालमेल कर कई साल दिल्ली में बने रहते हैं। उप सचिव स्तर तक पहुंचने के बाद आईएएस अधिकारियों को दिल्ली जाना होता है। यदि इस स्तर में नहीं जाते हैं तो बाद में जाने के लिए हाई लेवल के जुगाड़ की जरूरत होती है। सेक्रेटरी लेवल में जुड़ने के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं। नीतीश की विदाई के साथ ही दिल्ली से लौट रहे ये आईएएस दूसरी ओर सीएम पद से नीतीश कुमार की विदाई के साथ ही दिल्ली से कुछ आईएएस बिहार लौट रहें हैं। इनमें पहला नाम आईएएस आर लक्ष्मण का है। 2004 बैच के आईएएस अधिकारी लक्ष्मण पीएमओ में तैनात थे। दिल्ली से बिहार लौट रहे हैं। वह 2 फरवरी 2026 को दो महीने की छुट्टी गए थे। इसके बाद बिहार में योगदान देंगे।  

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