किशनगंज में दंपति को 15 साल की सजा:नशीली दवाओं की तस्करी मामले में NDPS अदालत का फैसला,1-1 लाख रुपये का जुर्माना

किशनगंज में दंपति को 15 साल की सजा:नशीली दवाओं की तस्करी मामले में NDPS अदालत का फैसला,1-1 लाख रुपये का जुर्माना

किशनगंज में विशेष एनडीपीएस अदालत ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में एक दंपति को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। दोषियों की पहचान 33 वर्षीय जाहनाज़ खातून और उसके पति सुबोध प्रसाद उर्फ रहमान अंसारी के रूप में हुई है। अदालत ने दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला जिले में नशे के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। लोक अभियोजन सुरेन प्रसाद साहा ने बताया कि जुर्माना समय पर नहीं चुकाने पर प्रत्येक 10,000 रुपये के बकाया पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोषियों द्वारा पहले से भुगती गई हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। यह फैसला विशेष एनडीपीएस मामले संख्या 44/2024 में सुनाया गया, जो किशनगंज पुलिस स्टेशन के केस नंबर 302/2024 पर आधारित है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, इस मामले का निष्पादन एक साल के भीतर किया जाना था, जिसके अनुपालन में अदालत ने तेजी से सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया। किशनगंज पुलिस नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुलिस के अनुसार, नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर लगाम कसने के लिए लगातार छापेमारी, सर्च ऑपरेशन और सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में तेज सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित की जा रही है ताकि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़े और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। किशनगंज में विशेष एनडीपीएस अदालत ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में एक दंपति को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। दोषियों की पहचान 33 वर्षीय जाहनाज़ खातून और उसके पति सुबोध प्रसाद उर्फ रहमान अंसारी के रूप में हुई है। अदालत ने दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला जिले में नशे के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। लोक अभियोजन सुरेन प्रसाद साहा ने बताया कि जुर्माना समय पर नहीं चुकाने पर प्रत्येक 10,000 रुपये के बकाया पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोषियों द्वारा पहले से भुगती गई हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। यह फैसला विशेष एनडीपीएस मामले संख्या 44/2024 में सुनाया गया, जो किशनगंज पुलिस स्टेशन के केस नंबर 302/2024 पर आधारित है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, इस मामले का निष्पादन एक साल के भीतर किया जाना था, जिसके अनुपालन में अदालत ने तेजी से सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया। किशनगंज पुलिस नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पुलिस के अनुसार, नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर लगाम कसने के लिए लगातार छापेमारी, सर्च ऑपरेशन और सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में तेज सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित की जा रही है ताकि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़े और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।  

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