गोंडा जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को 32 वर्षीय अरविंद बाबा उर्फ अरविंद तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। आरोप है कि आरोपी मनीराम उनके शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धानेपुर में छोड़कर फरार हो गया। परिजनों ने अरविंद की हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, 12 मार्च को आरोपी मनीराम तिवारी ने आपसी कहासुनी के बाद अरविंद बाबा के साथ मारपीट की थी। इस घटना को लेकर 14 मार्च को मोतीगंज थाने में मनीराम के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। मृतक के भाई फूल बाबू ने बताया कि 22 मार्च की सुबह लगभग 8 बजे मनीराम तिवारी और श्रीकांत अरविंद बाबा को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद से अरविंद पूरे दिन गायब थे। 23 मार्च को अखिलेश तिवारी नामक व्यक्ति ने परिजनों को सूचना दी कि अरविंद बाबा का शव सीएचसी धानेपुर में पड़ा है। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और अरविंद को मृत पाया। फूल बाबू ने आरोप लगाया कि मनीराम और श्रीकांत ने उनके भाई की हत्या की है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले भी अरविंद के साथ मारपीट की गई थी। परिजनों का मानना है कि शराब के नशे में मौके का फायदा उठाकर अरविंद की हत्या की गई है। मोतीगंज थाना अध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि जहां तक हत्या के आरोपों की बात है उसकी जांच की जा रही है। इस मामले में पहले से ही मारपीट का मुकदमा दर्ज है परिजनों द्वारा दी गई नई तहरीर का संज्ञान लेते हुए पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


