Healthy Heart Dil ka sach series part 10: बढ़ते दिल के मर्ज हर इंसान के लिए सतर्कता और जागरुकता का विषय बन गया है। हेल्थ कॉन्शियस लोग अब सप्लीमेंट्स का सहारा भी लेने लगे हैं। वहीं आपकी सेहत का जिम्मा उठाने कई डाइटिशियन और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अपने-अपने तरीके से लोगों को सप्लीमेंट्स लेने को प्रेरित कर रहे हैं। लेकिन क्या ये सप्लीमेंट्स सिर्फ एक ट्रेंड भर हैं या फिर वाकई हर इंसान को आज इनकी जरूरत है… patrika.com की दिल का सच सीरीज के पार्ट 10 में सेहत के लिए सप्लीमेंट्स की भूमिका पर संजना कुमार की खास रिपोर्ट’
सोशल मीडिया पर विटामिन D3 लेकर ओमेगा-3 जैसे सप्लीमेंट्स को हार्ट के सुपर हीरो के रूप में पेश किया जा रहा है। लेकिन असल में इन सुपर हीरोज की सच्चाई क्या है? क्या सच में ये दिल को बचाते हैं या फिर बिना डॉक्टर की सलाह के इनका यूज नुकसान भी पहुंचा सकता है। दिल का सच सीरीज के इस खास पार्ट-10 में आप जानेंगे कौन से सप्लीमेंट्स दिल के लिए फायदेमंद और किन बातों का ध्यान रखने की है जरूरत?
दरअसल दिल की बीमारियों के लिए जिम्मेदार शरीर या नसों में आने वाली सूजन है। जिसके बाद ब्लॉकेज की स्थितियां पैदा होती हैं। हाई ब्लडप्रेशर और खराब मेटाबॉलिज्म भी उतना ही जिम्मेदार है। यहीं से शुरू हो जाती है सप्लीमेंट्स की भूमिका (Healthy Heart)। सप्लीमेंट्स भले ही सीधे तौर पर बीमारियों को खत्म नहीं करते, लेकिन शरीर के अंदर उन कारणों को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो दिल को कमजोर करते हैं।
MBBS, MD और हार्ट, अस्थमा के साथ ही डायबिटीज एक्सपर्ट डॉक्टर विनोद कोठारी (भोपाल) के मुताबिक सप्लीमेंट्स अपनी मर्जी से बिल्कुल न खाएं, डॉक्टर्स भी इन्हें आपको तभी रिकमेंड करते हैं, जब आपके शरीर को वाकई इनकी जरूरत है। वे बताते हैं कि इनकी लंबे समय तक कमी होने पर शरीर बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। इनकी कमी का असर दिल पर लंबे समय बाद नजर आता है, जबकि इससे पहले शरीर में बहुत कुछ गंभीर स्थिति से गुजर चुका होता है। ऐसे में सप्लीमेंट्स बड़ी राहत साबित होते हैं…
नियासिन (विटामिन B3)
इसे (विटामिन B3) डॉक्टर्स अच्छे कॉलेस्ट्रॉल के लिए जरूरी मानते हैं। कोठारी बताते हैं कि नियासिन HDL यानी शरीर के अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है और HDL को बढ़ाता है। यह आपका लिपिड प्रोफाइल इम्प्रूव करता है। हालांकि कुछ लोगों को इसका यूज करने से त्वचा लाल होना या जलन होने की शिकायत हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर से चर्चा जरूर करें आगे तभी लें जब डॉक्टर कहें।
विटामिन D3
विटामिन D3 केवल हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी जरूरी माना जाता है। अब रिसर्च यही बताती हैं कि जिस d3 को केवल हड्डियों तक सीमित कर दिया गया, वह वास्तव में दिल (Healthy Heart) पर भी असर डालता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने में मदद करता है। सूजन को कम करे में हेल्प करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा इसका इस्तेमाल केल्शियम के स्तर को गड़बड़ कर सकता है। इसलिए इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
विटामिन K2
कैल्शियम शरीर के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन अगर यह नसों में जमना शुरू हो जाए, तो हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे में विटामिन K2 अहम भूमिका निभाता है। विटामिन K2 कैल्शियम को हड्डियों की ओर भेजता है। आर्टरी में कैल्सिफिकेशन को कम करने में मदद करता है। यह नसों को सख्त होने से बचाता है।
नैट्टोकाइनेज एंजाइम
जापान की एक पारंपरिक डिश है, जिसका नाम है नाटो। नैट्टोकाइनेज एक प्रकार का एंजाइम है, जो इस पारंपरिक डिश से ही मिलता है। आजकल यह एंजाइम काफी चर्चा में रहता है। लोग इसे जानने लगे हैं। यह शरीर में जमने वाले खून के थक्कों को तोड़ने में मदद करता है। ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है। इसके विकल्प के तौर पर आप भारतीय मसालों में महत्वपूर्ण मानी जाने वाली दाल चीनी का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह भी हल्का असर दिखा सकती है।
मैग्निशियम
मैग्निशियम भी मानव शरीर के लिए जरूरी है। इसलिए इसे भी बिल्कुल न भूलें। यह दिल की धड़कनों का कंट्रोलर कहा जाता है। जबकि यह दिल के लिए बेहद जरूरी मिनरल है। यह हार्ट बीट को नियंत्रित रखने के साथ ही ब्लड वेसल्स को आराम देता है। ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल रखने में मदद करता है।

एल सिट्रीलिन
यहां ध्यान देना होगा कि दिल की सेहत (Healthy Heart) के लिए आपको नाइट्रेट रिच फूड अपनी डाइट में शामिल करने चाहिएं। चुकंदर, पालक जैसी पौष्टिक सब्जियां शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ाती हैं, जो ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती हैं। नसों का फैलाव बनाए रखती हैं और बीपी को कंट्रोल रखने में मदद करती हैं। अगर आप ये डाइट नहीं ले पा रहे हैं, तो एल सिट्रीलिन बेहतर सप्लीमेंट विकल्प हो सकता है। यह नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ाता है ब्लड सर्कुलेशन को इम्प्रूव करता है।
ओमेगा3
दिल का सबसे चर्चित साथी है ओमेगा3। ओमेगा3 (Omega3) फैटी एसिड को हार्ट हेल्थ के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय सप्लीमेंट माना जाता है। इसे खाने के वैसे तो कई फायदे हैं। लेकिन दिल की सेहत का यह खास साथी है। यह ट्राइग्लिसराइड्स कम करता है, सूजन को कम करता है और प्लाक को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। यह फिश ऑयल में, अलसी के बीजों में प्रमुख रूप से पाया जाता है।

लोग सोचते हैं कि सप्लीमेंट्स लेने से सब ठीक (Healthy Heart) हो जाएगा। लेकिन सच यही है कि सप्लीमेंट्स सपोर्ट करते हैं इलाज नहीं। लाइफ स्टाइल बदले बिना इनका असर भी बहुत ज्यादा नजर नहीं आएगा। दिल की असली सुरक्षा तभी है जब आप संतुलित आहार, व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और नियमित जांच पर फोकस बनाए रखते हैं। सप्लीमेंट्स दिल की बीमारियों से लड़ने में सिर्फ आपके साथी हो सकते हैं, लेकिन आपकी आदतें ही इन बीमारियों को कंट्रोल कर सकती हैं, वही असली ताकत हैं। सही चयन से जहां आपको हार्ट अटैक का खतरा कम होगा, वहीं आप लंबी और स्वस्थ जिंदगी भी जी सकेंगे।
Healthy Heart’दिल का सच’ बताने वाली सीरीज के अगले अंक में आप जानेंगे हेल्दी हार्ट के लिए क्या हैं सबसे बेस्ट या सुपर फूड… कल patrika.com की सीरीज के लास्ट यानी अंतिम पार्ट होगा। लेकिन इसे जानने से पहले हमें कमेंट बॉक्स में ये जरूर बताइएगा कि अब तक की ये जानकारी आपको कैसी लगी?


