Share Market Crash: निफ्टी 600 और सेंसेक्स 1800 पॉइंट की महा-गिरावट के साथ हुआ बंद, इन सेक्टर्स के शेयर सबसे अधिक टूटे

Share Market Crash: निफ्टी 600 और सेंसेक्स 1800 पॉइंट की महा-गिरावट के साथ हुआ बंद, इन सेक्टर्स के शेयर सबसे अधिक टूटे

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार आज सोमवार को जबरदस्त गिरावट के साथ बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 2.46 फीसदी या 1836 अंक की गिरावट के साथ 72,696 पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 3 शेयर हरे निशान पर और 27 शेयर लाल निशान पर थे। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 2.60 फीसदी या 601 अंक की गिरावट के साथ 22,512 पर बंद हुआ है।

PC: BSE

सेंसेक्स पैक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट टाइटन, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, इंडिगो और टाटा स्टील में दर्ज हुई।

इन सेक्टर्स में आई सबसे अधिक गिरावट

आज सबसे अधिक गिरावट निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 5.42 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज में 4.65 फीसदी, निफ्टी मेटल में 4.76 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 4.24 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 4.92 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 3.26 फीसदी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50 में 3.49 फीसदी और निफ्टी मीडिया में 3.93 फीसदी दर्ज हुई। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, निफ्टी केमिकल्स भी गिरावट के साथ बंद हुए।

क्यों गिरा शेयर बाजार?

  • मिडिल ईस्ट में युद्ध तेज हुआ है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच संघर्ष बढ़ा है। मिसाइल हमले और टॉप लीडर्स की धमकियों से अनिश्चितता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव भी चरम पर है।
  • विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार जारी है। FIIs लगातार 16 दिनों से बिकवाली कर रहे हैं। इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल है। 10-वर्षीय यील्ड 4.4% के पार चली गई है। इससे बॉन्ड ज्यादा आकर्षक बन गए हैं।
  • औद्योगिक डीजल महंगा हुआ है। कीमतों में 25% (22 रुपये/लीटर) की बढ़ोतरी हुई है। इससे रेलवे, ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग पर असर पड़ेगा।
  • कच्चा तेल 110 डॉलर के पार चला गया है। ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति बैरल पर है। क्रूड ऑयल सप्लाई बाधित होने का खतरा है, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ा है।
  • रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 93.84 पर चला गया है।
  • वैश्विक बाजारों में गिरावट है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट है। वॉल स्ट्रीट और यूरोप भी लाल निशान में हैं।

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