मंडला जिले में नेशनल हाईवे-30 पर हुए सड़क हादसे के बाद सोमवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। हादसे में घायल एक श्रमिक की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को हाईवे पर रखकर चक्का जाम कर दिया। इससे घंटों तक यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह घटना मंडला-बालाघाट सीमा पर स्थित शर्मा होटल के पास रविवार शाम को हुई। एक तेज रफ्तार हाइवा ने लकड़ी से भरे ट्रक को टक्कर मार दी। ट्रक मवई से मंडला की ओर जा रहा था, जबकि हाइवा बिलासपुर से जबलपुर की ओर जा रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक में सवार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में झीगरा टोला मझगांव निवासी श्रमिक इन्द्रेश पन्द्रे को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया। हालांकि, रास्ते में ही देर रात उनकी मौत हो गई। दो अन्य घायलों का उपचार अभी भी जारी है। इन्द्रेश पन्द्रे की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने सोमवार को मौके पर पहुंचकर शव को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही से लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने मृतक के परिवार को मुआवजा और दोषी चालक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार जमना प्रसाद भगत, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी। प्रशासन के आश्वासन और समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया।


