कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुवेंदु अधिकारी को एफआईआर मामले में 12 हफ्तों की अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी समेत किसी भी पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल पीठ ने आज (सोमवार) को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उत्तर 24 परगना जिले के खड़दह थाने में दर्ज एफआईआर के मामले में उन्हें अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए पुलिस को किसी भी तरह की कार्रवाई करने से रोक दिया।
जस्टिस अजय कुमार ने सुनाया फैसला
जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की एकल पीठ ने यह आदेश देते हुए कहा कि अगले 12 सप्ताह (जुलाई तक) पुलिस सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है नहीं उठा सकेगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की गई है।
दो सीटों से चुनाव मैदान में सुवेंदु अधिकारी
इस बार सुवेंदु अधिकारी एक साथ दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट शामिल है, जहां वे वर्तमान विधायक हैं। दूसरी ओर, दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से उनका सीधा मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है। इस वजह से यह चुनाव राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
क्या है दर्ज मामला?
खड़दह थाने में 29 दिसंबर 2020 को पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। चुनाव से पहले किसी भी कानूनी बाधा से बचने के लिए उन्होंने इस मामले को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था।
दिब्येंदु अधिकारी को भी मिली राहत
इसी दिन अदालत ने सुवेंदु अधिकारी के छोटे भाई और पूर्व लोकसभा सांसद दिब्येंदु अधिकारी को भी राहत प्रदान की। उन्होंने शिकायत की थी कि सरकारी आवास खाली करने के बावजूद उन्हें ‘नो ड्यूज’ प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा रहा है।
कब होंगे बंगाल चुनाव?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दो चरणों में होंगे। चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को शेड्यूल घोषित किया, जिसमें पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों पर मतदान होगा। कुल 294 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे और सभी चरणों की मतगणना एक साथ 4 मई 2026 को होगी। इस चुनाव में TMC और BJP के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा साथ ही अन्य दल भी कड़ी टक्कर दे सकते हैं।


