मानधाता थाना क्षेत्र के मिश्रपुर मुस्तरका गांव के 50 वर्षीय पूर्व प्रधान गुलहसन 18 मार्च को बाइक से बाजार के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने दो दिन बाद गुमशुदगी दर्ज कराई। तीसरे दिन उनकी बाइक, चाबी और हेलमेट मऊआइमा क्षेत्र में मिले। रविवार सुबह सुमेरपुर के पास शारदा सहायक नहर में बोरी में बंद शव मिला। मौके पर पहुंची पत्नी किस्मतुल निशा ने शव की पहचान गुलहसन के रूप में की। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रेमिका ने कबूला जुर्म
परिवार के लोगों के शक जताने और मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस टीम ने ससुराल मिश्रपुर मुस्तरका से जेठवारा के बगियापुर मायके गई सुमन देवी को हिरासत लिया। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और परिवार के शक के आधार पर सुमन देवी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने हत्या की साजिश और वारदात को कबूल कर लिया। सुमन ने बताया कि उसका गुलहसन से लंबे समय से प्रेम संबंध था, लेकिन वह लगातार मिलने का दबाव बना रहा था और ब्लैकमेल कर रहा था। इससे परेशान होकर उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
18 मार्च की रात सुमन ने गुलहसन को जेठवारा के बगियापुर में मिलने के लिए बुलाया। वहां पहले से उसके भाई अतुल गौतम और दोस्त अरुण गौतम मौजूद थे। जैसे ही गुलहसन पहुंचा, तीनों ने मिलकर उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद शव को बोरी में भरकर शारदा सहायक नहर में फेंक दिया।
18 बच्चों का पिता था मृतक
गुलहसन ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी किस्मतुल निशा और दूसरी अम्बिया बानो हैं। दोनों से उसके कुल 18 बच्चे हैं, जिनमें से केवल एक बेटी की शादी हुई है। पूरा परिवार एक साथ रहता था। गांव के लोगों के अनुसार, गुलहसन मिलनसार और मददगार स्वभाव के थे, लेकिन निजी संबंधों की उलझन ने उनकी जान ले ली।
पुलिस कर रही तलाश
हत्या की खबर से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि उसके भाई और साथी की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने बताया कि गुमशुदगी के मामले को अब हत्या में दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम पूर्व प्रधान के शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।


