PSL 2026 बिना दर्शक, बिना ओपनिंग सेरेमनी और सिर्फ दो वेन्यू पर ही खेला जाएगा, जानें इसके पीछे की वजह

PSL 2026 बिना दर्शक, बिना ओपनिंग सेरेमनी और सिर्फ दो वेन्यू पर ही खेला जाएगा, जानें इसके पीछे की वजह

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने PSL 2026 का उद्घाटन समारोह रद्द कर दिया है। इसके साथ ही मैच भी बिना दर्शकों के बंद दरवाजों पीछे कराए जाएंगे। इतना ही नहीं वेन्‍यू की संख्‍या भी घटा दी गई है। पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने इन बदलावों की जानकारी देते हुए इसके पीछे की वजह बताई है। 

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) में बंद दरवाजों के पीछे बिना दर्शक और सिर्फ दो वेन्‍यू पर ही खेला जाएगा। इतना ही नहीं टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह भी रद्द कर दिया गया है। मूलरूप से पीएसएल 2026 पाकिस्‍तान के छह शहरों मुल्तान, पेशावर, फैसलाबाद, कराची, रावलपिंडी और लाहौर में आयोजित किया जाना था, लेकिन अब यह केवल कराची और लाहौर में ही होगा। इसके पीछे की वजह सुरक्षा चिंता और देश में बढ़ता ईंधन संकट है।

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का असर

पीएसएल के शेड्यूल में संशोधन अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में आई रुकावटों की वजह से किया गया है। पाकिस्तान में ईंधन की कमी और भी बढ़ गई है। इस संकट से निपटने के लिए देश में पहले ही लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी गई हैं, जिनमें स्कूलों को बंद करना और वर्क फ्रॉम होम के निर्देश देना शामिल है।

स्टेडियमों में भारी भीड़ जुटाना असुरक्षित

इन चुनौतियों के बावजूद पीसीबी ने पुष्टि की है कि पीएसएल अपने मूल कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगा, क्योंकि वह इसे एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के रूप में महत्वपूर्ण मानता है, जिसमें विदेशी खिलाड़ी और दुनिया भर के दर्शक शामिल होते हैं। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए स्टेडियमों में भारी भीड़ जुटाना अव्यावहारिक और असुरक्षित माना गया।

ईंधन संकट के चलते आवाजाही सीमित

पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने पूरे पाकिस्तान से ईंधन संकट के चलते अपनी आवाजाही सीमित करने का अनुरोध किया है। इस वजह से हमने स्कूल बंद कर दिए हैं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया है और ईद की छुट्टियों की संख्या भी बढ़ा दी हैं। हमें नहीं पता कि यह युद्ध कब तक चलेगा।

सुरक्षा एजेंसियों के साथ चर्चा के बाद लिया फैसला

इन सभी बातों पर विचार करने और हमारी सुरक्षा एजेंसियों के साथ चर्चा करने के बाद हमने फैसला किया कि पीएसएल अपने मूल कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेगा। लेकिन, हम लोगों से उनकी आवाजाही सीमित करने के लिए कहने के बाद हर दिन स्टेडियमों में 30,000 लोगों को इकट्ठा होने के लिए नहीं कह सकते। हमने फैसला किया है कि जब तक यह संकट जारी रहेगा, तब तक मैचों में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं होगी। यह एक मुश्किल फैसला है, लेकिन इसे लेना ज़रूरी था।

पहले यहां खेले जाने थे इतने मैच

नकवी ने आगे बताया कि इससे पहले लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में सबसे ज्‍यादा कुल 15 मैच मैच होने थे। उसके बाद रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 11 मैच होने थे। फैसलाबाद के इकबाल स्टेडियम को सात मैच दिए गए थे, जबकि कराची के नेशनल स्टेडियम में छह मैच होने थे। वहीं, मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम में चार मैच होने थे। इस टूर्नामेंट में छह डबल-हेडर भी होने थे, जिनमें से तीन लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में होने थे।

3 मई को खेला जाएगा खिताबी मुकाबला

मूल फॉर्मेट के तहत लीग चरण में छह में से हर टीम को 10 मैच खेलने थे और शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ़ में पहुंचतीं। नॉकआउट चरण में क्वालीफायर 1, एलिमिनेटर, क्वालिफायर 2 और फाइनल शामिल थे। खिताबी मुकाबला 3 मई को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाना था और पीसीबी ने इस बड़े मुकाबले के लिए 4 मई को रिजर्व डे के तौर पर रखा था।

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