Kangana Ranaut Birthday: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कंगना रनौत का नाम उन अभिनेत्रियों में लिया जाता है जिन्होंने अपने दम पर पहचान बनाई। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे से निकलकर बॉलीवुड की ‘क्वीन’ बनने तक का उनका सफर संघर्ष, जोखिम, विवाद और उपलब्धियों से भरा रहा है। आज 40वें जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनके जीवन के वे अहम पड़ाव जिन्होंने उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाई।
डॉक्टर नहीं, अभिनेत्री बनने का सपना चुना (Kangana Ranaut Birthday)
23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में जन्मी कंगना रनौत का पालन-पोषण एक पारंपरिक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनौत स्कूल टीचर और पिता अमरदीप रनौत बिजनेसमैन हैं। परिवार चाहता था कि कंगना डॉक्टर बनें, इसलिए उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल से मेडिकल की पढ़ाई शुरू भी की, लेकिन 12वीं कक्षा में केमिस्ट्री में असफल होने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और अभिनय की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया।
कम उम्र में ही उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों के खिलाफ सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। यही स्वभाव आगे चलकर उनकी पहचान बन गया।
दिल्ली से मुंबई तक संघर्ष का कठिन दौर
महज 16 साल की उम्र में कंगना दिल्ली पहुंच गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की और फिर अस्मिता थिएटर ग्रुप में निर्देशक अरविंद गौर के मार्गदर्शन में अभिनय सीखा। थिएटर के अनुभव ने उन्हें अभिनय की मजबूत नींव दी।
इसके बाद वह मुंबई पहुंचीं, लेकिन यहां शुरुआती दिन बेहद मुश्किलों भरे थे। कई बार उनके पास खाने तक के पैसे नहीं होते थे और उन्हें सिर्फ ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार ऑडिशन देती रहीं।
‘गैंगस्टर’ ने बदल दी जिंदगी (Kangana Ranaut Birthday)
कंगना की किस्मत तब बदली जब उन्हें फिल्म ‘गैंगस्टर’ में काम करने का मौका मिला। यह रोल पहले चित्रांगदा सिंह को दिया गया था, लेकिन शूटिंग से पहले परिस्थितियां बदल गईं और अचानक कंगना को मौका मिल गया।
दिलचस्प बात यह है कि उस समय उनके पास पासपोर्ट भी नहीं था। मेकर्स ने कहा कि अगर एक हफ्ते में पासपोर्ट बन जाए तो फिल्म मिल सकती है। कंगना ने पिता की मदद से दो दिन में पासपोर्ट बनवाया और फिल्म हासिल कर ली। यह फिल्म सुपरहिट रही और उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
‘फैशन’ से मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
‘वो लम्हे’ और ‘लाइफ इन ए मेट्रो’ जैसी फिल्मों के बाद 2008 में आई ‘फैशन’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बनी। इस फिल्म के लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
हालांकि इसके बाद कुछ समय तक उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी आए, लेकिन ‘तनु वेड्स मनु’ ने उनकी छवि पूरी तरह बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को खूब पसंद किया।
‘क्वीन’ से बनीं इंडस्ट्री की सबसे मजबूत अभिनेत्री
2014 में आई फिल्म ‘क्वीन’ ने कंगना को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार जीत लिया।
आगे चलकर ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ और ‘पंगा’ के लिए भी उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इस तरह कंगना चार नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। इस सूची में उनसे आगे सिर्फ शबाना आजमी हैं।
आदित्य पंचोली विवाद और खौफनाक अनुभव
कंगना का नाम शुरुआती दिनों से ही विवादों में रहा है। उन्होंने अभिनेता आदित्य पंचोली पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे।
कंगना ने बताया था कि एक बार हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग की पहली मंजिल से कूदकर भागना पड़ा। वह नंगे पैर सड़क पर भागते हुए रिक्शा में बैठकर वहां से निकलीं। इस दौरान उन्हें चोटें भी आईं।
उन्होंने यह भी कहा था कि लंबे समय तक वह डर के माहौल में रहीं और उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहीं। इस मुश्किल समय में निर्देशक अनुराग बसु और उनकी पत्नी ने उन्हें लगभग 15 दिनों तक अपने ऑफिस में छिपाकर रखा।
चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर फंसीं
फिल्म ‘रिवॉल्वर रानी’ की शूटिंग के दौरान कंगना एक खतरनाक घटना का शिकार होते-होते बचीं। मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में शूटिंग खत्म करने के बाद जब वह टीम के साथ लौट रही थीं, तब 12-15 हथियारबंद लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया।
इन लोगों के पास बंदूकें और चाकू थे। हालांकि बाद में पता चला कि वे लोग सिर्फ कंगना के साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे। निर्देशक साई कबीर की समझदारी से मामला शांत हुआ और टीम सुरक्षित ग्वालियर पहुंच सकी।
एयरपोर्ट थप्पड़ विवाद ने मचाई सनसनी
जून 2024 में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना रनौत से जुड़ा एक और बड़ा विवाद सामने आया था। CISF की महिला कांस्टेबल कुलविंदर कौर द्वारा कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ मारने की घटना ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी थी।
बताया गया कि यह विवाद किसान आंदोलन को लेकर कंगना के पुराने बयान से जुड़ा था। इस घटना के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और मामला लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा।
नेपोटिज्म पर खुलकर बोलीं कंगना
कंगना रनौत बॉलीवुड में नेपोटिज्म के खिलाफ सबसे मुखर आवाज मानी जाती हैं। 2017 में एक शो के दौरान उन्होंने करण जौहर को ‘मूवी माफिया’ और नेपोटिज्म का ध्वजवाहक तक कह दिया था। इस बयान ने पूरे फिल्म इंडस्ट्री में बहस छेड़ दी थी।
इसके बाद करण जौहर ने भी जवाब देते हुए कहा था कि अगर कंगना को इंडस्ट्री इतनी खराब लगती है तो उन्हें इसे छोड़ देना चाहिए।
ऋतिक रोशन और जावेद अख्तर विवाद
ऋतिक रोशन के साथ कंगना का विवाद भी काफी चर्चा में रहा। कंगना ने उन्हें अपना ‘सिली एक्स’ बताया था, जिसके बाद दोनों के बीच कानूनी नोटिस का सिलसिला शुरू हो गया।
वहीं जावेद अख्तर के साथ भी उनका विवाद लंबे समय तक चला। हालांकि फरवरी 2025 में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और यह मामला समाप्त हो गया।
महेश भट्ट पर लगाए गंभीर आरोप
कंगना ने फिल्म ‘वो लम्हे’ की स्क्रीनिंग के दौरान महेश भट्ट पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि स्क्रीनिंग के दौरान उन पर चप्पल फेंकी गई और उन्हें अपमानित किया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी कलाकारों को कई बार उचित सम्मान नहीं दिया जाता।
निजी जिंदगी के दिलचस्प किस्से भी रहे चर्चा में
कंगना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका पहला क्रश उनके स्कूल टीचर थे। वहीं अपने पहले रिश्ते और पहले किस का अनुभव भी उन्होंने खुलकर साझा किया था। उन्होंने बताया था कि पहली बार किस करते समय वह घबरा गई थीं और उन्हें समझ ही नहीं आया कि क्या करना है।
संसद से सोशल मीडिया तक बेबाक अंदाज
कंगना रनौत सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहीं। वह राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखती रही हैं। कई बार उनके बयान विवादों का कारण बने, लेकिन उन्होंने कभी अपने विचार रखने से पीछे हटना नहीं चुना।
‘भारत भाग्य विधाता’ में आएंगी नजर
वर्कफ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत इन दिनों फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स की सच्ची कहानी पर आधारित है।
संघर्ष, जोखिम, विवाद और सफलता से भरा कंगना रनौत का सफर इस बात का उदाहरण है कि मजबूत इरादों के साथ कोई भी व्यक्ति अपनी अलग पहचान बना सकता है।


