गयाजी में चचेरे भाई ने पेंटर को मारी गोली:जमीन विवाद में वारदात, घर से बुलाकर मर्डर; नदी किनारे मिला शव, 3 आरोपी गिरफ्तार

गयाजी में चचेरे भाई ने पेंटर को मारी गोली:जमीन विवाद में वारदात, घर से बुलाकर मर्डर; नदी किनारे मिला शव, 3 आरोपी गिरफ्तार

गयाजी के चेरकी थाना क्षेत्र में पेंटर अक्षय यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन विवाद में चचेरे भाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। शव नदी में फेंक दिया। इस मामले में 24 घंटे के अंदर पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सिंपल कुमार, दीपक कुमार और रोहित कुमार शामिल है। सिंपल कुमार मृतक का चचेरा भाई है। खास बात यह भी कि पुलिस अब तक हत्या में इस्तेमाल किए हथियार को बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस ने अब तक सिर्फ आरोपियों के दो मोबाइल ही बरामद किए हैं। सिर में गोली मारकर हत्या परिजनों को मुताबिक 18 मार्च को घर पर कुछ लोग आए थे। काम के बहाने उसे बाहर ले गया। देर रात तक नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चला। अगले दिन 19 मार्च को पत्नी ने थाने में अपहरण की सूचना दी। पुलिस ने शुरुआती तौर पर अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 20 मार्च को कहानी पलट गई। भुसिया घाट से एक शव मिलने की खबर इलाके में तेजी से फैली। मृतक की पहचान अक्षय यादव के तौर पर हुई। बॉडी नदी किनारे पड़ी थी, सिर में गोली मारी गई थी। इससे साफ हो गया कि यह अपहरण नहीं, बल्कि साजिश के तहत सोची-समझी हत्या है। इसके बाद केस को हत्या में बदलते हुए 21 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की गई। घर से बुलाकर मारी गोली पुलिस के सीनियर अफसरों ने टीम बनाई। बोधगया एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी और लोकल इनपुट खंगालना शुरू किया। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और आसपास के नेटवर्क को खंगाला गया। केस दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर तीन आरोपी पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि जमीन विवाद को लेकर पहले से तनातनी चल रही थी। इसी रंजिश में अक्षय को बहाने से घाट पर ले गए। वहां गोली मारकर हत्या कर दी और शव पानी में फेंक दिया। गयाजी के चेरकी थाना क्षेत्र में पेंटर अक्षय यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन विवाद में चचेरे भाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। शव नदी में फेंक दिया। इस मामले में 24 घंटे के अंदर पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सिंपल कुमार, दीपक कुमार और रोहित कुमार शामिल है। सिंपल कुमार मृतक का चचेरा भाई है। खास बात यह भी कि पुलिस अब तक हत्या में इस्तेमाल किए हथियार को बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस ने अब तक सिर्फ आरोपियों के दो मोबाइल ही बरामद किए हैं। सिर में गोली मारकर हत्या परिजनों को मुताबिक 18 मार्च को घर पर कुछ लोग आए थे। काम के बहाने उसे बाहर ले गया। देर रात तक नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चला। अगले दिन 19 मार्च को पत्नी ने थाने में अपहरण की सूचना दी। पुलिस ने शुरुआती तौर पर अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 20 मार्च को कहानी पलट गई। भुसिया घाट से एक शव मिलने की खबर इलाके में तेजी से फैली। मृतक की पहचान अक्षय यादव के तौर पर हुई। बॉडी नदी किनारे पड़ी थी, सिर में गोली मारी गई थी। इससे साफ हो गया कि यह अपहरण नहीं, बल्कि साजिश के तहत सोची-समझी हत्या है। इसके बाद केस को हत्या में बदलते हुए 21 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की गई। घर से बुलाकर मारी गोली पुलिस के सीनियर अफसरों ने टीम बनाई। बोधगया एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी और लोकल इनपुट खंगालना शुरू किया। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और आसपास के नेटवर्क को खंगाला गया। केस दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर तीन आरोपी पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि जमीन विवाद को लेकर पहले से तनातनी चल रही थी। इसी रंजिश में अक्षय को बहाने से घाट पर ले गए। वहां गोली मारकर हत्या कर दी और शव पानी में फेंक दिया।  

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