पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार अभियान जैसे-जैसे तेज हो रहा है, वैसे-वैसे विवाद भी गहराते जा रहे हैं। बिधाननगर सीट से भाजपा उम्मीदवार डॉ. शरदवत मुखोपाध्याय का नवरात्रि के दौरान हाथ में मछली लेकर प्रचार करने का मामला अब बिहार की राजनीति में भी पहुंच गया है। लालू प्रसाद यादव की पार्टी RJD ने एक वीडियो शेयर करते हुए BJP की धार्मिक राजनीति और खान-पान की आदतों पर उसके रुख को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
आरजेडी का तीखा हमला
बिहार में तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इस वीडियो को पोस्ट करते हुए भाजपा को आड़े हाथों लिया। आरजेडी ने लिखा, ‘बिहार में नवरात्रि बता कर बेवजह कोसा जाता है, बंगाल में बीच नवरात्रि मछली की आंख में भाजपाइयों को वोट दिख जाता है?’
RJD ने बीजेपी पर यह भी आरोप लगाया कि वह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रुख अपनाती है। राजद ने लिखा, ‘पूरे देश में गाय गौमाता कहलाए, इसे आधार बना भाजपा नफरत की राजनीति जमाए पर जब पूर्वोत्तर में कोई खाए तो भाजपाई मिथुन बताए? यही है भाजपा का दोहरा चरित्र।’
आरजेडी ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा जनता को बरगलाने का काम कर रही है और सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। आरजेडी ने आगे लिखा, ‘वोट ही इनका धर्म है! जनता को भरमाना, बरगलाना ही इनका कर्म है! भाजपाई देश का नाश कर रहे हैं! देश का सत्यानाश करके ही मानेंगे।’
क्यों भड़की राजद?
दरअसल, राजद की इस तीखी प्रतिक्रिया के पीछे एक पुरानी सियासी टीस छिपी है। लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ था, जिसमें वे हेलीकॉप्टर में लंच के समय मछली खाते नजर आ रहे थे। तेजस्वी ने यह वीडियो नवरात्र के पहले दिन पोस्ट किया था, जिसे लेकर भाजपा ने उन पर चौतरफा हमला बोल दिया था।
उस वक्त हुए भारी हंगामे और भाजपा के कड़े विरोध को देखते हुए अब बंगाल चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के हाथ में मछली देख राजद को पलटवार का बड़ा मौका मिल गया है। राजद का तर्क है कि जो मछली बिहार में नवरात्र के दौरान अधर्म थी, वही मछली बंगाल में वोट बैंक के लिए भाजपा के लिए पवित्र कैसे हो गई? इसी विरोधाभास को राजद भाजपा का दोहरा चरित्र बता रही है।
क्या है पूरा विवाद?
चैत्र नवरात्रि (जो 19 मार्च 2026 से शुरू हुई है) के बीच पश्चिम बंगाल के बिधाननगर से BJP उम्मीदवार डॉ. शरदवत मुखोपाध्याय को अपने हाथों में 3.5 किलोग्राम की ‘कतला’ मछली लेकर प्रचार करते हुए देखा गया। इस घटना का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता जय श्री राम और भारत माता की जय जैसे नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
BJP का तर्क
बीजेपी की ओर से इस प्रचार को लेकर सफाई भी दी गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में मछली आम आहार का हिस्सा है और यह कैंपेन इस बात को स्पष्ट करने के लिए किया गया कि बीजेपी लोगों के खान-पान में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि बीजेपी सत्ता में आने पर मांसाहार पर रोक लगा सकती है। इसी आरोप को खारिज करने के लिए यह रणनीति अपनाई गई।


