अयोध्या के वरिष्ठ समाजसेवी, प्रसिद्ध उद्योगपति और विश्व हिन्दू परिषद के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे ओमप्रकाश मदान का रविवार को रायपुर (छत्तीसगढ़) में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही अयोध्या समेत विभिन्न क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, अंतिम संस्कार का कार्यक्रम पंचायत के मुखिया, पंचगण, परिवार और शुभचिंतकों से चर्चा के बाद तय किया जाएगा। उनके बड़े पुत्र विशाल मदान ने फोन पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कार्यक्रम तय होते ही सभी को सूचित किया जाएगा। छात्र राजनीति से समाजसेवा तक मजबूत पहचान ओमप्रकाश मदान अपने छात्र जीवन से ही सक्रिय रहे। अवध विश्वविद्यालय के साकेत महाविद्यालय में वे एक प्रभावशाली छात्र नेता के रूप में चर्चित रहे। इसके बाद उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, लायंस क्लब सहित कई सामाजिक संगठनों से जुड़कर समाज के पीड़ित और जरूरतमंद वर्ग के लिए लगातार काम किया। रायपुर में उद्योग जगत में बनाई पहचान उन्होंने अयोध्या के साथ-साथ रायपुर में एक सफल उद्योगपति के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने कार्यों से समाज में सम्मान अर्जित किया। उनके बड़े भाई स्वर्गीय दयाल दास मदान भी लंबे समय तक सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। वहीं उनके छोटे भाई रमेश मदान अयोध्या में एक प्रतिष्ठित स्कूल के प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। संतों, नेताओं और समाजसेवियों ने जताया शोक उनके निधन पर साहित्यकारों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित संघ, विहिप और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके करीबी लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।


