नरसिंहपुर में शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने रविवार को मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार महेश कुमार बट्टी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से टीईटी परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश सरकार से रिव्यू पिटीशन दायर कर शिक्षकों के पक्ष में खड़े होने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग के लोक सेवकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान करने की मांग भी शामिल थी। शिक्षकों ने विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षक, वोकेशनल शिक्षक, आईटीसी इंस्ट्रक्टर, करियर एवं मेंटल काउंसलर, प्री-प्रायमरी सहायिका और आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटर जैसे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग की। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक मुक्ति राय ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे टीईटी परीक्षा के विरोध में ज्ञापन देने आए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षकों के पास 25-30 वर्षों का अनुभव है और वे लगातार प्रशिक्षण प्राप्त करते रहते हैं, ऐसे में सेवा के इतने वर्षों बाद पुनः परीक्षा देना उचित नहीं है। मुक्ति राय ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश सरकार को भी शिक्षकों के हित में अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। शिक्षकों ने कहा कि वे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित किए बिना प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करेंगे और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का भी रुख करेंगे।


