रायसेन शहर में गणगौर पर्व पारंपरिक रूप से मनाया गया। अग्रवाल समाज की महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर भगवान ईसर और माता गौरा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद शहर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा रविवार शाम करीब 5 बजे यशवंत नगर से शुरू हुई। इसमें महिलाएं एक जैसे परिधान पहनकर सिर पर ईसर-गौरा की सजी झांकी लेकर ढोल की थाप पर नृत्य करती हुई चल रही थीं। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्राचीन मिश्र तालाब पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणगौर का विसर्जन किया गया। यात्रा के दौरान महिलाओं ने नृत्य भी किया। गणगौर पर्व के अवसर पर महिलाओं ने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ 16 दिनों तक व्रत रखा। इस दौरान उन्होंने ईसर-गौरा की पूजा की। कार्यक्रम में झांकी सजाने के साथ तोरण, वरमाला और अगवानी जैसी पारंपरिक रस्में भी निभाई गईं। यशवंत नगर में हर वर्ष की तरह इस बार भी गणगौर का पर्व मनाया गया। इस आयोजन में गीत-संगीत और नृत्य के साथ पारंपरिक संस्कृति का प्रदर्शन किया गया।


