Iran–Israel Conflict: ईरान-इजरायल के बीच 28 फरवरी से जंग जारी है। इस जंग की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तनाव है। इसी बीच सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सऊदी अरब ने ईरानी राजनयिकों (Irani diplomats) को निकाल दिया है। सऊदी अरब सरकार ने ईरानी दूतावास के कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ (अवांछित व्यक्ति) घोषित कर दिया है। सऊदी अरब ने इन राजनयिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने का आदेश दिया है।
ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश
सऊदी अरब के आधिकारिक आदेश के अनुसार, ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे में देश छोड़ने के लिए कहा गया है। यह निर्णय खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और सऊदी अरब की क्षेत्रीय संप्रभुता पर उत्पन्न खतरों की संभावना को देखते हुए लिया गया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, ईरान के सैन्य अटैची, उनके सहायक और दूतावास के 3 अन्य स्टाफ सदस्यों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया है। । सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों की गतिविधियां राजनयिक मानदंडों के प्रतिकूल पाई गई हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी प्रशासन ने इस कार्रवाई की सूचना ईरानी दूतावास को दे दी है और निर्धारित समय सीमा के भीतर इन अधिकारियों का प्रस्थान सुनिश्चित करने को कहा है।
ईरान की कार्रवाई कानूनों का उल्लंघन
सऊदी अरब ने ईरानी राजनयिकों को को निकाल दिया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान की सैन्य कार्रवाई से सऊदी अरब की संप्रभुता, नागरिक बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करती है। सऊदी अरब ने यह कदम तेहरान पर उसके अपने क्षेत्र, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के सदस्य देशों और दूसरे अरब एवं इस्लामी देशों पर बार-बार हो रहे हमले के बाद उठाया है। ईरान पर इन देशों में हमला करने का आरोप है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में ईरान की हालिया कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। सऊदी अरब ने कहा कि तेहरान की सैन्य गतिविधियां न केवल राज्य की संप्रभुता का अपमान हैं, बल्कि इस्लामी भाईचारे के उन मूल्यों को भी चोट पहुंचाती हैं, जिन पर द्विपक्षीय संबंधों की नींव रखी गई थी। ईरान ने कई संधियों का उल्लंघन किया है।
सऊदी अरब ने हमलों की निंदा की
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में ईरानी हमलों की निंदा की है। सऊदी ने इस हमलों को ‘ईरानी आक्रामकता की खुली मिसाल’ बताया है। मंत्रालय ने कहा कि सऊदी की संप्रभुता, नागरिकों के बुनियादी ढांचे, आर्थिक हितों और राजनयिक मिशनों को लगातार निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और अच्छे पड़ोसी होने के नियम को तोड़ता है। ऐसे काम बीजिंग घोषणा के उल्टे हैं और इस्लाम के सिद्धांतों के प्रति ईरान की घोषित प्रतिबद्धताओं को कमजोर करते हैं। ईरान का व्यवहार उसकी कथनी के अनुसार नहीं है।


