गया में द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के सीपीई स्टडी चैप्टर की ओर से आज इनकम टैक्स एक्ट 2025 और 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए आयकर कानून पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के काशीनाथ मोड़ के पास स्थित एक निजी होटल में हुआ। इस महत्वपूर्ण सेमिनार में के कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स ने भाग लिया। दिल्ली से आए टैक्स और फाइनेंस विशेषज्ञ विनोद रावत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ डिप्टी कन्वेनर रोहित कुमार सिन्हा और कन्वेनर दीपक कुमार भी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नए आयकर कानून पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता विनोद रावत ने अपने संबोधन में कहा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाला इनकम टैक्स एक्ट 2025 कई महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है, जिन्हें समझना हर टैक्स प्रोफेशनल के लिए आवश्यक है। टीडीएस काटने की प्रक्रिया में होगा बदलाव रावत ने बताया कि अब टीडीएस काटने और जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके लिए नए फॉर्म और नई प्रक्रिया अपनानी होगी, जिससे कर प्रणाली में पारदर्शिता और सरलता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल और अधिक प्रभावी बनाना है। वित्त मंत्रालय की ओर से नए कानून में कई सुधार किए गए हैं, जिनमें करदाताओं को राहत देने के लिए विभिन्न प्रकार की छूट और प्रावधान शामिल हैं, जिससे आम लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इस अवसर पर उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भी अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से समाधान हासिल किए। सेमिनार के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की उम्मीद जताई, ताकि प्रोफेशनल्स समय-समय पर अपडेट रह सकें। पुराने नियमों को भूलकर नई व्यवस्था को अपनाना सीए रोहित कुमार सिन्हा, सीए दीपक कुमार ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद पुराने नियमों को भूलकर नई व्यवस्था को अपनाना होगा। इसके लिए सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अभी से तैयारी शुरू करनी चाहिए। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य भी यही था कि प्रोफेशनल्स को समय रहते नए प्रावधानों की जानकारी दी जा सके। सेमिनार के दौरान विशेष रूप से टीडीएस (TDS) प्रणाली में होने वाले बदलावों पर प्रकाश डाला गया। इस तरह यह सेमिनार न केवल जानकारीवर्धक रहा, बल्कि आने वाले नए आयकर कानून को समझने में भी बेहद उपयोगी साबित होगा। इस मौके पर सीए संजीव सिन्हा, सीए अनूप कुमार, विजय कुमार, शशांक सिन्हा, उटपक कुमार, शशि कुमार, प्रतिक अग्रवाल, आनंद साव रोहित गोस्वामी, दिलीप कुमार, अभिषेक कुमार और विवेक कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे। गया में द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के सीपीई स्टडी चैप्टर की ओर से आज इनकम टैक्स एक्ट 2025 और 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए आयकर कानून पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के काशीनाथ मोड़ के पास स्थित एक निजी होटल में हुआ। इस महत्वपूर्ण सेमिनार में के कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स ने भाग लिया। दिल्ली से आए टैक्स और फाइनेंस विशेषज्ञ विनोद रावत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ डिप्टी कन्वेनर रोहित कुमार सिन्हा और कन्वेनर दीपक कुमार भी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नए आयकर कानून पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता विनोद रावत ने अपने संबोधन में कहा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाला इनकम टैक्स एक्ट 2025 कई महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है, जिन्हें समझना हर टैक्स प्रोफेशनल के लिए आवश्यक है। टीडीएस काटने की प्रक्रिया में होगा बदलाव रावत ने बताया कि अब टीडीएस काटने और जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके लिए नए फॉर्म और नई प्रक्रिया अपनानी होगी, जिससे कर प्रणाली में पारदर्शिता और सरलता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल और अधिक प्रभावी बनाना है। वित्त मंत्रालय की ओर से नए कानून में कई सुधार किए गए हैं, जिनमें करदाताओं को राहत देने के लिए विभिन्न प्रकार की छूट और प्रावधान शामिल हैं, जिससे आम लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इस अवसर पर उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भी अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से समाधान हासिल किए। सेमिनार के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की उम्मीद जताई, ताकि प्रोफेशनल्स समय-समय पर अपडेट रह सकें। पुराने नियमों को भूलकर नई व्यवस्था को अपनाना सीए रोहित कुमार सिन्हा, सीए दीपक कुमार ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद पुराने नियमों को भूलकर नई व्यवस्था को अपनाना होगा। इसके लिए सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अभी से तैयारी शुरू करनी चाहिए। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य भी यही था कि प्रोफेशनल्स को समय रहते नए प्रावधानों की जानकारी दी जा सके। सेमिनार के दौरान विशेष रूप से टीडीएस (TDS) प्रणाली में होने वाले बदलावों पर प्रकाश डाला गया। इस तरह यह सेमिनार न केवल जानकारीवर्धक रहा, बल्कि आने वाले नए आयकर कानून को समझने में भी बेहद उपयोगी साबित होगा। इस मौके पर सीए संजीव सिन्हा, सीए अनूप कुमार, विजय कुमार, शशांक सिन्हा, उटपक कुमार, शशि कुमार, प्रतिक अग्रवाल, आनंद साव रोहित गोस्वामी, दिलीप कुमार, अभिषेक कुमार और विवेक कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।


