बरौनी रिफाइनरी में विक्रेता विकास कार्यक्रम:ईडी ने कहा- हमारा लक्ष्य केवल व्यापार नहीं, सभी हितधारकों के साथ मिलकर विकास करना

बरौनी रिफाइनरी में विक्रेता विकास कार्यक्रम:ईडी ने कहा- हमारा लक्ष्य केवल व्यापार नहीं, सभी हितधारकों के साथ मिलकर विकास करना

इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी कड़ी में रिफाइनरी के जुबली हॉल में विक्रेता विकास कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले व्यवसायों को मुख्यधारा के व्यापार से जोड़कर सशक्त बनाना था। ​हितधारकों का विकास ही रिफाइनरी की प्राथमिकता ​कार्यशाला का उद्घाटन बरौनी रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने विक्रेताओं को केवल सप्लायर नहीं, बल्कि रिफाइनरी परिवार का अभिन्न सदस्य और मूल्यवान व्यापारिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के संचालन, प्रोजेक्ट निष्पादन और रखरखाव में इन छोटे उद्यमियों का योगदान अतुलनीय है। ​इस दौरान रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि अपने सभी हितधारकों के साथ मिलकर विकास करना है। इसलिए हितधारकों को शामिल करें, शिक्षित करें और प्रोत्साहित करें, यही हमारा मूल मंत्र है। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किया प्रेरित किया ​कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने की सलाह दी गई। रिफाइनरी प्रमुख ने सभी विक्रेताओं से आग्रह किया कि वे GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करें। इससे न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि उभरते हुए नए व्यापारिक अवसरों का फायदा उठाना भी आसान होगा। ​सफलता का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए प्रबंधन ने संतोष व्यक्त किया कि बरौनी रिफाइनरी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE), विशेषकर SC-ST और महिला उद्यमियों के लिए निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया है। इसके साथ ही आने वाले निविदाओं (Tenders) में भी इनकी भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया गया। ​विशेषज्ञों ने दिए बोली लगाने के टिप्स ​कार्यकारी निदेशक (परियोजना एवं कोर ग्रुप) संजय रायजादा ने उद्यमियों को तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने निविदा दस्तावेजों के प्रमुख अनुभागों को ध्यानपूर्वक पढ़ने के महत्व पर बल दिया। जिससे उद्यमी सटीक और प्रतिस्पर्धी बोली लगा सकें। कार्यशाला में GeM के माध्यम से खरीद, श्रेणी बोली, PP-LC नीति और टैक्स अपडेट पर प्रस्तुति दी गई। ​मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी ​उद्यमियों की सहायता के लिए कार्यक्रम स्थल पर अलग-्विलग भागों और बैंकों की ओर से सूचनात्मक स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामग्री विभाग, डाक विभाग, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक तथा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी शामिल हुए। स्टॉलों के माध्यम से उद्यमियों को विभिन्न ऋण योजनाओं, बीमा और सरकारी लाभों के संबंध में जानकारी दी गई। ​300 से अधिक उद्यमियों ने दिखाई रुचि ​इस कार्यशाला को लेकर स्थानीय विक्रेताओं में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में 300 से अधिक MSE उद्यमियों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में SC-ST और महिला ठेकेदार एवं आपूर्तिकर्ता शामिल थे। इतनी बड़ी उपस्थिति दर्शाती है कि बरौनी रिफाइनरी और उसके विक्रेता साझेदारों के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता और मजबूत हो रहा है। इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी कड़ी में रिफाइनरी के जुबली हॉल में विक्रेता विकास कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले व्यवसायों को मुख्यधारा के व्यापार से जोड़कर सशक्त बनाना था। ​हितधारकों का विकास ही रिफाइनरी की प्राथमिकता ​कार्यशाला का उद्घाटन बरौनी रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने विक्रेताओं को केवल सप्लायर नहीं, बल्कि रिफाइनरी परिवार का अभिन्न सदस्य और मूल्यवान व्यापारिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के संचालन, प्रोजेक्ट निष्पादन और रखरखाव में इन छोटे उद्यमियों का योगदान अतुलनीय है। ​इस दौरान रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश ने भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि अपने सभी हितधारकों के साथ मिलकर विकास करना है। इसलिए हितधारकों को शामिल करें, शिक्षित करें और प्रोत्साहित करें, यही हमारा मूल मंत्र है। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किया प्रेरित किया ​कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने की सलाह दी गई। रिफाइनरी प्रमुख ने सभी विक्रेताओं से आग्रह किया कि वे GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करें। इससे न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि उभरते हुए नए व्यापारिक अवसरों का फायदा उठाना भी आसान होगा। ​सफलता का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए प्रबंधन ने संतोष व्यक्त किया कि बरौनी रिफाइनरी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE), विशेषकर SC-ST और महिला उद्यमियों के लिए निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया है। इसके साथ ही आने वाले निविदाओं (Tenders) में भी इनकी भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया गया। ​विशेषज्ञों ने दिए बोली लगाने के टिप्स ​कार्यकारी निदेशक (परियोजना एवं कोर ग्रुप) संजय रायजादा ने उद्यमियों को तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने निविदा दस्तावेजों के प्रमुख अनुभागों को ध्यानपूर्वक पढ़ने के महत्व पर बल दिया। जिससे उद्यमी सटीक और प्रतिस्पर्धी बोली लगा सकें। कार्यशाला में GeM के माध्यम से खरीद, श्रेणी बोली, PP-LC नीति और टैक्स अपडेट पर प्रस्तुति दी गई। ​मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी ​उद्यमियों की सहायता के लिए कार्यक्रम स्थल पर अलग-्विलग भागों और बैंकों की ओर से सूचनात्मक स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामग्री विभाग, डाक विभाग, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक तथा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी शामिल हुए। स्टॉलों के माध्यम से उद्यमियों को विभिन्न ऋण योजनाओं, बीमा और सरकारी लाभों के संबंध में जानकारी दी गई। ​300 से अधिक उद्यमियों ने दिखाई रुचि ​इस कार्यशाला को लेकर स्थानीय विक्रेताओं में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में 300 से अधिक MSE उद्यमियों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में SC-ST और महिला ठेकेदार एवं आपूर्तिकर्ता शामिल थे। इतनी बड़ी उपस्थिति दर्शाती है कि बरौनी रिफाइनरी और उसके विक्रेता साझेदारों के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता और मजबूत हो रहा है।  

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