Qatar Helicopter Accident: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच कतर से बड़ी आई खबर है। ताजा जानकारी के मुताबिक, तकनीकी खराबी के चलते सेना का एक हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्रैश हो गया, जिसमें सवार 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पूरा इलाका जंग की आग में झुलस रहा है।
क्या यह सिर्फ हादसा था या तनाव की आग में छिपा कोई और खतरा?
28 फरवरी को इजरायल-यूएस (Israel–United States) के संयुक्त हवाई हमलों के बाद से मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल मचा हुआ है। हालात बेकाबू हो गए हैं। अली खामनेई की मौत के बाद ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और अन्य अहम ठिकानों सहित इजरायल को निशाना बना रहा है। इसी उथल-पुथल के माहौल में आया यह हेलीकॉप्टर हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से सुलग रही अस्थिरता पर एक और चोट की तरह महसूस हो रहा है। ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ हादसा था या तनाव की आग में छिपा कोई और खतरा?
कतर गृह मंत्रालय: हेलिकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत
जानकारी साझा करते हुए कतर के गृह मंत्रालय ने रविवार को बताया कि कतर के समुद्री क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि लापता हुए आखिरी व्यक्ति की तलाश के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी है। इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि ‘नियमित ड्यूटी’ के दौरान तकनीकी खराबी आने के कारण यह हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था।
लोगों की पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं
शुरुआती जानकारी से पता चला है कि किसी तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है। इस बात का कोई संकेत नहीं मिला कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह दुर्घटना किसी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का परिणाम थी। साथ ही कतर सरकार ने दुर्घटना के कारणों या हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की पहचान के बारे में कोई और विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
खाड़ी देशों पर ईरान खुलेआम हमले कर रहा है
सैन्य संघर्ष के 23वें दिन हमलों और जवाबी कार्रवाई का दौर जारी है। इस बीच खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने ईरान के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि खाड़ी देश सैन्य कार्रवाइयों में शामिल हैं। जीसीसी महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैइवी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
इतना ही नहीं अलबुदैइवी ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह खाड़ी देशों पर लगातार खुलेआम हमले कर रहा है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल प्रतिष्ठानों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी देशों और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान पर आरोप है कि वह खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और नागरिक ढांचे पर हमले कर रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि वह सिर्फ अमेरिका के हितों को टारगेट कर रहा है। ईरान ने कुछ खाड़ी देशों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अमेरिका को अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल करने की खुली छूट दी।
रविवार को ही बहरीन ने बताया कि उसके रक्षा बल ने युद्ध शुरू होने के बाद से 145 मिसाइलों और 246 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट किया है।


