शिक्षा मंत्री के घर का अतिथि शिक्षकों ने किया घेराव:सरगुजा-कांकेर समेत कई जिलों से पहुंचे विद्यामितान; नियमितिकरण, समान वेतन और ग्रीष्मकालीन मानदेय की मांग

शिक्षा मंत्री के घर का अतिथि शिक्षकों ने किया घेराव:सरगुजा-कांकेर समेत कई जिलों से पहुंचे विद्यामितान; नियमितिकरण, समान वेतन और ग्रीष्मकालीन मानदेय की मांग

छत्तीसगढ़ में प्रांतीय अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) की मांगों को लेकर रविवार को दुर्ग में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरगुजा, कांकेर समेत कई जिलों से शिक्षक भारी संख्या में दुर्ग पहुंचे थे। उनका कहना है कि वे कक्षा शिक्षण, आईसीटी प्रशिक्षण, निर्वाचन कार्य, एनएसएस, बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी और पेपर मूल्यांकन जैसे सभी कार्य नियमित शिक्षकों की तरह कर रहे हैं, फिर भी उन्हें स्थायी दर्जा और समान वेतन नहीं मिल रहा है। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि वे सत्र 2015-16 से स्कूल शिक्षा विभाग में लगातार सेवाएं दे रहे हैं और व्याख्याता के स्वीकृत पदों पर काम कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मंत्री निवास के बाहर तीन थाना प्रभारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और शिक्षकों ने अपनी मांगों को ज्ञापन के जरिए सरकार तक पहुंचाया। शिक्षा मंत्री से हुई चर्चा
शिक्षकों ने बताया कि हाल ही में विधानसभा में अतिथि शिक्षकों को हटाए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद उनके बीच चिंता बढ़ गई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव किया और सरकार से स्पष्ट फैसला लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अतिथि शिक्षकों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की जो बातें है वो वे बेबुनियाद हैं और अतिथि शिक्षकों को हटाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से देख रही है। केबिनेट में चर्चा के बाद फैसला
शिक्षकों ने बताया कि मंत्री से चर्चा हुई है। शिक्षकों के अनुसार मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के मानदेय का निर्धारण उनकी पात्रता के अनुसार किया जाएगा और इस पूरे मामले पर कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट की बैठक के बाद अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। अपनी मुख्य मांगों को रखा मंत्री के सामने
अतिथि शिक्षकों ने मंत्री के सामने अपनी मुख्य मांगें रखीं, जिनमें स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन, ग्रीष्मकालीन अवधी का मानदेय, समान कार्य के बदले समान वेतन और सरकारी कर्मचारियों की तरह अवकाश की सुविधा शामिल है। शिक्षकों ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने भी ग्रीष्मकालीन मानदेय और अवकाश देने के संबंध में निर्देश दिए हैं, इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। मंत्री से चर्चा के बाद शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला होगा। शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से अस्थायी स्थिति में काम कर रहे हैं और अब स्थायी समाधान चाहते हैं।

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