बुरहानपुर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर रविवार को ग्राम बोदरली टेकड़ी पर पौधारोपण किया गया। शिवमहापुराण कथा के दौरान कथावाचक मनोजचंद्र महाराज, मधुकर महाजन, मुकुंदा चौधरी, करणसिंह पवार, ईश्वर महाराज, आशीष पाटिल और पर्यावरण मित्र संजय राठौड़ सहित अन्य लोगों ने मिलकर 11 पौधे लगाए। इन पौधों के लिए ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था की गई है और इनकी निरंतर देखभाल का संकल्प लिया गया। कथावाचक मनोज चंद्र महाराज ने इस अवसर पर कहा कि पौधारोपण एक महान कार्य है, लेकिन इससे भी बड़ा कार्य पौधे को मित्र बनाकर उसकी सेवा करना है। उन्होंने बताया कि जब एक पौधा वृक्ष बनता है, तो वह न केवल वातावरण को शीतल करता है, बल्कि असंख्य जीवों को आश्रय, फल और औषधि भी प्रदान करता है। पर्यावरण मित्र संजय राठौड़ ने जानकारी दी कि गायत्री परिवार के पर्यावरण अभियान के तहत पौधारोपण के साथ-साथ सालभर उनकी देखभाल, पानी और सुरक्षा के लिए श्रमदान किया जाता है। उन्होंने इसे सच्ची सेवा और समर्पण का उदाहरण बताया। अपील- पौधारोपण को जीवन का संस्कार बनाएं
करणसिंह पवार ने अपने पौत्र के प्रथम जन्मदिन पर 5 पौधे लगाकर यह संदेश दिया कि जीवन के हर शुभ अवसर को प्रकृति से जोड़कर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली का उपहार दे सकते हैं। गायत्री परिवार ने अपील की कि पौधारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बनाया जा। उन्होंने हर लगाए गए पौधे की सेवा और सुरक्षा का संकल्प लेने और हर उत्सव को प्रकृति के नाम करने का आग्रह किया। उनका मानना है कि आज का यह छोटा प्रयास कल की हरियाली और आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य बनेगा।


