वाराणसी: ज्ञानवापी परिसर के अंदर स्थापित माता श्रृंगार गौरी का मंदिर पूरे साल में दर्शन के लिए एक बार खुलता है। चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी तिथि को इस मंदिर में दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाती है।
आज चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी तिथि है ऐसे में ज्ञानवापी परिसर की दीवार पर स्थित मां श्रृंगार गौरी का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। यह मंदिर पूरे साल में सिर्फ एक बार श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है और यहां विधि विधान से पूजा की जाती है। इस मंदिर में दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर के आसपास और ज्ञानवापी परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
परिसर में स्थापित मंदिर में दर्शन के लिए कोर्ट में दायर है याचिका
दरअसल, बाबरी विध्वंस से पहले 1992 तक इस मंदिर में लगातार दर्शन पूजन होता था, लेकिन उसके बाद इसमें दर्शन पूजन बंद कर दिया गया। फिलहाल, ज्ञानवापी परिसर में स्थित मंदिरों में प्रतिदिन दर्शन पूजन के लिए वाराणसी की कोर्ट में 18 अगस्त 2021 को याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। याचिका दायर करने वाली महिलाएं भी करीब सुबह 11 बजे मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची और ज्ञानवापी मुक्त करो के नारे लगाए।

शंखनाद करते हुए पहुंचे श्रद्धालु
इस दौरान महिलाओं के साथ डमरू व शंखनाद करते हुए श्रद्धालु मंदिर परिसर तक पहुंचे। पूरा परिसर जय माता दी और हर हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। दरअसल, 2005 से इस मंदिर में साल में एक बार दर्शन पूजन की अनुमति मिली है। इसके बाद प्रत्येक वर्ष चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि को माता दर्शन देती हैं।
क्या है श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी केस
2021 में पांच महिलाओं ने वाराणसी की कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि ज्ञानवापी परिसर में स्थित मंदिरों में प्रत्येक दिन दर्शन पूजन की अनुमति दी जाए। इसको लेकर कोर्ट के आदेश के बाद परिसर का सर्वे भी कराया गया था। इस परिसर में एक कथित शिवलिंग भी सर्वे के दौरान सामने आया, जिसे मुस्लिम पक्ष ने फव्वारा बताया है। महिलाओं ने कोर्ट में यह दावा किया है कि इस परिसर के अंदर भगवान गणेश, बजरंगबली, श्रृंगार गौरी समेत अन्य देवी देवताओं के मंदिर स्थापित हैं। फिलहाल, वाराणसी की कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई चल रही है।


