कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) कुमार आशीष ने सहरसा पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एक पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) और दो चौकीदारों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कनरिया थाने से जुड़े एक मामले में एफआईआर में हेरफेर कर निर्दोष व्यक्तियों को गलत तरीके से फंसाने के आरोप में की गई है। यह मामला तब सामने आया जब डीआईजी (कोशी क्षेत्र) द्वारा सहरसा में आयोजित जनता दरबार में एक फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने कनरिया थाना कांड संख्या-13/2026 में पुलिसकर्मियों पर साजिश रचकर प्राथमिकी में बदलाव करने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसका उद्देश्य बेकसूर लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाना था। डीआईजी ने जांच के बाद की कार्रवाई डीआईजी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। जांच के बाद, प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोप सत्य पाए गए। इसके परिणामस्वरूप, कनरिया थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक अनिल प्रसाद, चौकीदार अनिल कुमार (6/8) और चौकीदार दर्शन (6/5) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अवधि के दौरान, इन सभी पुलिसकर्मियों को मुख्यालय पुलिस केंद्र, सहरसा स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही, इन दागी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी सख्त आदेश दिए गए हैं। ड्यूटी में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त इस कार्रवाई के बाद डीआईजी कुमार आशीष ने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न होने की सख्त हिदायत दी है। सहरसा पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति के तहत ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) कुमार आशीष ने सहरसा पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एक पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) और दो चौकीदारों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कनरिया थाने से जुड़े एक मामले में एफआईआर में हेरफेर कर निर्दोष व्यक्तियों को गलत तरीके से फंसाने के आरोप में की गई है। यह मामला तब सामने आया जब डीआईजी (कोशी क्षेत्र) द्वारा सहरसा में आयोजित जनता दरबार में एक फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने कनरिया थाना कांड संख्या-13/2026 में पुलिसकर्मियों पर साजिश रचकर प्राथमिकी में बदलाव करने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसका उद्देश्य बेकसूर लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाना था। डीआईजी ने जांच के बाद की कार्रवाई डीआईजी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। जांच के बाद, प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोप सत्य पाए गए। इसके परिणामस्वरूप, कनरिया थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक अनिल प्रसाद, चौकीदार अनिल कुमार (6/8) और चौकीदार दर्शन (6/5) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अवधि के दौरान, इन सभी पुलिसकर्मियों को मुख्यालय पुलिस केंद्र, सहरसा स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही, इन दागी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी सख्त आदेश दिए गए हैं। ड्यूटी में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त इस कार्रवाई के बाद डीआईजी कुमार आशीष ने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न होने की सख्त हिदायत दी है। सहरसा पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति के तहत ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


