बिहार आज अपना 114वां स्थापना दिवस ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ थीम के साथ मना रहा है। 22 और 23 मार्च 2026 को पटना में गांधी मैदान, श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल और रवींद्र भवन में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बिहार सरकार की ओर से आयोजित इस समारोह में बॉलीवुड से लेकर लोक संस्कृति तक के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। खास बात यह है कि इन सभी कार्यक्रमों में प्रवेश निशुल्क रखा गया है।
सोना महापात्रा से लेकर ‘गबरघिचोर’
बिहार दिवस की शुरुआत आज (22 मार्च) गांधी मैदान से होगी। मुख्य मंच पर कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध बॉलीवुड गायिका सोना महापात्रा की मधुर प्रस्तुति से होगी, जो अपनी आवाज से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगी।
वहीं, श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शास्त्रीय संगीत की धरोहर पंडित जगत नारायण पाठक ध्रुपद गायन की प्रस्तुति देंगे। इसी मंच पर ओडिसी नृत्य की प्रसिद्ध कलाकार रमिंदर खुराना और समकालीन नृत्य की प्रतिभाशाली प्राची पल्लवी साहू अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
रवींद्र भवन में कमलेश कुमार सिंह के लोकगीतों के साथ लोक संगीत का आनंद मिलेगा। इसके बाद भोजपुरी लोक संस्कृति के महान कलाकार भिखारी ठाकुर की अमर कृति ‘गबरघिचोर’ की नाट्य प्रस्तुति भी की जाएगी, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगी।
प्रदर्शनी और व्यंजनों के संग सजा गांधी मैदान
बिहार दिवस के अवसर पर 22 मार्च को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक गांधी मैदान के सांस्कृतिक पवेलियन में स्थानीय कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, पर्यटन, कला-संस्कृति और अन्य विभागों के स्टॉल पर बिहार की समृद्ध विरासत और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके साथ ही बिहार के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करेगी। बिहार दिवस के अवसर पर लगने वाला पुस्तक मेला भी युवाओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।
गांधी मैदान में कड़ी सुरक्षा
बिहार दिवस के अवसर पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित और सुव्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। पटना के गांधी मैदान में 94 मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ 128 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और लाठीबल भी मौजूद रहेंगे।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चारों सेक्टरों में एंबुलेंस, डॉक्टर और प्राथमिक उपचार केंद्र को सक्रिय रखा गया है। साथ ही यातायात व्यवस्था और निकास मार्गों पर किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।


