Jaipur Business Meeting: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राजस्थान की उद्यमशीलता और मध्यप्रदेश की संसाधन क्षमता मिलकर सेंट्रल इंडिया को औद्योगिक शक्ति केंद्र बना सकती है। टेक्सटाइल, जेम्स-एंड-ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों में राजस्थान की मजबूती तथा मध्यप्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन, टेक्सटाइल पार्क और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम एक प्रभावी वैल्यू चेन तैयार कर सकते हैं।
उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख करते हुए बताया कि लगभग एक लाख करोड़ रुपए की इस योजना से दोनों राज्यों को बड़ा लाभ होगा, जिसमें 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ‘रोटी-बेटी’ संबंधों के बाद अब दोनों राज्यों के बीच जल सहयोग भी मजबूत हो रहा है।
प्रक्रियाओं को करेंगे सरल
सीएम यादव ने मध्यप्रदेश को ‘सरप्लस पावर स्टेट’ बताते हुए कहा कि राज्य ग्रीन, क्लीन और सोलर एनर्जी के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है तथा पावर और रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों के लिए देश का पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित किया जा रहा है। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य में उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण कर अनुकूल निवेश वातावरण तैयार किया गया है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजस्थान की उद्यमशीलता और मध्यप्रदेश की संसाधन क्षमता मिलकर सेंट्रल इंडिया को औद्योगिक शक्ति केंद्र बना सकती है। उन्होंने शनिवार को उद्यमियों से जयपुर में वन-टू-वन चर्चा की और इस दौरान 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनके माध्यम से मध्यप्रदेश में 3,530 रोजगार प्राप्त हो सकेंगे।
बता दें कि सीएम मोहन यादव ने जयपुर में आयोजित ‘इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ को संबोधित किया। निवेश के लिए आयोजित सत्र में राजस्थान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों व विभिन्न औद्योगिक समूहों के 400 से अधिक निवेशकों ने भागीदारी की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि एमपी और राजस्थान ‘जुड़वा भाइयों’ की तरह हैं और आर्थिक रूप से एक-दूसरे के स्वाभाविक साझेदार हैं। उन्होंने राजस्थान के निवेशकों को एमपी में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार उद्योगों को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, आइटी/आइटीईएस, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी एवं पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बन रहा है।


