हरियाणा में रोधी खाप के प्रधान पद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को खाप प्रधान सुमेर सिंह जागलान ने हांसी शहर की जाट धर्मशाला में ग्रामीणों की बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने हालिया विवाद पर अपना पक्ष स्पष्ट किया और खाप की परंपराओं के सम्मान की बात कही। सुमेर सिंह जागलान ने आरोप लगाया कि हरदीप शर्मा ने रोधी खाप को पंजीकृत करवाकर खुद को प्रधान घोषित किया है, जिससे खाप के वर्षों पुराने संविधान और परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि खाप का उद्देश्य किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए काम करना नहीं, बल्कि समाज और आम लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाना है। आरोप निराधार, खाप की सेवा जारी रखूंगा जागलान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे वर्षों से खाप की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न महापंचायतों में रोधी खाप की ओर से लगातार उपस्थिति दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर खाप की भूमिका हमेशा जिम्मेदारीपूर्ण रही है। कानूनी कार्रवाई पर बोले जागलान हरदीप शर्मा द्वारा कानूनी कार्रवाई किए जाने के सवाल पर सुमेर सिंह जागलान ने कहा कि वे स्वयं इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो समाज के गणमान्य लोगों को फिर से एकत्रित कर उचित जवाब दिया जाएगा। “प्रधान पद का कोई तय कार्यकाल नहीं” जागलान ने खाप की पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए बताया कि इसमें प्रधान का कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता। उन्होंने उदाहरण दिया कि पूर्व में भी कई प्रधानों ने बीमारी या अन्य कारणों से स्वेच्छा से पद छोड़ा है, न कि किसी तय समय-सीमा के अनुसार बदलाव हुआ है। ग्रामीणों ने एकता और परंपरा पर दिया जोर बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने खाप की एकता बनाए रखने और उसकी परंपराओं को कायम रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रोधी खाप की पहचान उसकी एकजुटता और सामाजिक मूल्यों से है, जिसे किसी भी सूरत में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।


