दरभंगा जिला प्रशासन चैती छठ पूजा को लेकर अलर्ट मोड में हैं। 62 जगहों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। 22 मार्च को नहाय-खाय, 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को डूबते सूर्य और 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ यह महापर्व संपन्न हो जाएगा। छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पोखर, नदी और तालाब के घाटों पर एकत्र होकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक तनाव फैलाने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस पुलिस उपाधीक्षक(यातायात) को निर्देश दिया गया है कि छठ पूजा की समाप्ति तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सभी प्रमुख चौक-चौराहों और छठ घाट जाने वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी के साथ आवागमन नियंत्रित किया जाएगा। छठ घाटों के आसपास वाहन और पटाखों पर रोक सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि छठ घाटों के आसपास किसी भी प्रकार के बड़े या छोटे वाहनों की पार्किंग नहीं होने दें। साथ ही घाटों के आसपास पटाखा बिक्री और पटाखे छोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। स्वास्थ्य, अग्निशमन और बिजली की विशेष व्यवस्था सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि जिला नियंत्रण कक्ष में एंबुलेंस और चिकित्सक दल की तैनाती के साथ सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। अग्निशमन विभाग को भी वाहन और संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है। वहीं, विद्युत विभाग को छठ घाटों पर लगाए गए बिजली कनेक्शन की पूर्व जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम सभी अंचल अधिकारियों को खतरनाक नदी और तालाब घाटों पर नाव, नाविक, गोताखोर, रस्सी और सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। दरभंगा जिला प्रशासन चैती छठ पूजा को लेकर अलर्ट मोड में हैं। 62 जगहों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। 22 मार्च को नहाय-खाय, 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को डूबते सूर्य और 25 मार्च को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ यह महापर्व संपन्न हो जाएगा। छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पोखर, नदी और तालाब के घाटों पर एकत्र होकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक तनाव फैलाने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस पुलिस उपाधीक्षक(यातायात) को निर्देश दिया गया है कि छठ पूजा की समाप्ति तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सभी प्रमुख चौक-चौराहों और छठ घाट जाने वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी के साथ आवागमन नियंत्रित किया जाएगा। छठ घाटों के आसपास वाहन और पटाखों पर रोक सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि छठ घाटों के आसपास किसी भी प्रकार के बड़े या छोटे वाहनों की पार्किंग नहीं होने दें। साथ ही घाटों के आसपास पटाखा बिक्री और पटाखे छोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। स्वास्थ्य, अग्निशमन और बिजली की विशेष व्यवस्था सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि जिला नियंत्रण कक्ष में एंबुलेंस और चिकित्सक दल की तैनाती के साथ सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। अग्निशमन विभाग को भी वाहन और संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है। वहीं, विद्युत विभाग को छठ घाटों पर लगाए गए बिजली कनेक्शन की पूर्व जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम सभी अंचल अधिकारियों को खतरनाक नदी और तालाब घाटों पर नाव, नाविक, गोताखोर, रस्सी और सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।


