Iran Israel War: पश्चिम एशिया का संघर्ष अब हिंद महासागर तक पहुंच गया है। ईरान ने 4,000 किमी दूर डिएगो-गार्सिया द्वीप पर स्थित अमरीका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले का प्रयास कर किया। ईरान ने इस सैन्य बेस पर हमले के लिए दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमरीकी अधिकारियों के अनुसार एक मिसाइल रास्ते में ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को नौसैनिक पोत ने इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया। ईरान के इस एक्शन से यह साफ हो गया है कि उसके पास इंटरमीडिएट रेंज की मिसाइलें भी हैं जो 3500 से 4000 किमी तक हमला कर सकती हैं। माना जा रहा है कि ईरान ने खुर्रमशहर-4 मिसाइल का इस्तेमाल किया। इसकी रेंज में पेरिस-लंदन भी आ सकते हैं।
Iran Israel War: क्या-क्या हुआ?
डिएगो गार्सिया पर हमला अमरीका को एक संकेत है। यहीं से अमरीका ने अफगानिस्तान और इराक जैसे देशों में पहले भी सैन्य अभियान चलाए हैं। यह बेस भारी बमवर्षक विमानों, निगरानी विमान और सैन्य उपकरणों के लिए एक प्रमुख हब है। वहीं शनिवार को यूएई के विदेश मंत्रालय ने 22 देशों का एक संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों की निंदा की है।
ईरान ने बना रखी है अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी
ईरान ने सुंदर नजारों, मैंग्रोव जंगलों और पर्यटन के लिए मशहूर केश्म द्वीप को अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी के रूप में बदल दिया है। यह होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर है। अब यहां जमीन के नीचे मिसाइल भंडार, सुरंगें और हमला करने वाली नौकाओं के ठिकाने बनाए गए हैं। द्वीप पर करीब 1.48 लाख लोग रहते हैं, जिनमें ज्यादातर सुन्नी मुस्लिम हैं। इस बीच शनिवार को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों पर रूस ने नाराजगी जताई है। रूसी विदेशमंत्री लावरोव ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमलों के बहुत गंभीर नतीजे होंगे।
ईरान के परमाणु संयंत्र पर फिर हमला
ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र पर बड़ा हवाई हमला, इसमें बंकर बस्टर बमों का प्रयोग किया। राष्ट्रपति ट्रंप बोले- सैन्य अभियानों को धीरे-धीरे खत्म करने पर विचार कर रहे हैं, होर्मुज की सुरक्षा का जिम्मा वे देश उठाएं जो इसका इस्तेमाल करते हैं। ईरान के विदेश मंत्री बोले- होर्मुज खुला है, सिर्फ दुश्मन को मंजूरी नहीं,जापान के शिप भी निकल सकेंगे।


