जालंधर| पिम्स में ब्रोंकियल अस्थमा विषय पर कंटिन्यू मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 300 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। पीएसीएस के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टरों को नई चिकित्सा तकनीकों और उपचार पद्धतियों से अपडेट करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन पिम्स के डायरेक्टर-प्रिंसिपल डॉ. राजीव अरोड़ा ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सीएमई गतिविधियां युवा डॉक्टरों के शैक्षणिक विकास और मरीजों को बेहतर उपचार देने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। कार्यक्रम में दिल्ली और मुंबई से आए विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. दीपक तलवार ने नई गाइडलाइंस और आधुनिक उपचार तकनीकों पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. दीपक प्रजापत, डॉ. कनिष्का कुमार सिंह और डॉ. प्रतिभा सिंगल ने अस्थमा के लक्षण, जांच और इलाज के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। सीएमई के दौरान इंटरेक्टिव सत्र, केस प्रेजेंटेशन और प्रश्नोत्तर कार्यक्रम भी हुए, जिसमें डॉक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम में मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर विभागों के डॉक्टरों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अंत में डॉ. नरेश कुमार बठला ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर डॉ. एच.के. चीमा, डॉ. एन.एस. नेकी, डॉ. गोमती महाजन सहित वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।


