UP Temperature Rise: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। हाल के दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जहां प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और तापमान में गिरावट देखने को मिली, वहीं अब मौसम साफ होने के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में आगामी एक सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, बारिश और ठंडक का दौर
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वांचल के कई जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलों की आवाजाही बनी रही और हल्की वर्षा दर्ज की गई। इस कारण दिन के अधिकतम तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई। लखनऊ सहित कई शहरों में दिन का मौसम सुहावना और ठंडक भरा रहा। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन इस बदलाव ने मौसम को अस्थिर बना दिया।
अब तेजी से चढ़ेगा पारा
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होगा, वैसे-वैसे तापमान में तेजी से वृद्धि देखने को मिलेगी। 22 मार्च के बाद मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा, जिससे सूर्य की तेज धूप का असर बढ़ेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जबकि मध्यवर्ती जिलों,जिनमें लखनऊ भी शामिल है, 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि पहले ही देखी जा रही है।
अगले 5-6 दिनों में 10°C तक उछाल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 5 से 6 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक और व्यापक बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि जो तापमान अभी सामान्य से नीचे बना हुआ है, वह तेजी से सामान्य और फिर उससे ऊपर पहुंच सकता है। इस बदलाव के साथ ही मार्च के अंतिम सप्ताह में गर्मी अपने तेवर दिखाना शुरू कर देगी।
सुबह हल्की धुंध की संभावना
रात के तापमान में गिरावट और वातावरण में नमी की अधिकता के कारण सुबह के समय कुछ स्थानों पर हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह धुंध सूर्योदय के साथ ही छंट जाएगी और दिन में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति वायुमंडलीय स्थिरता के कारण बन रही है, जो फिलहाल कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
किसानों के लिए मिला-जुला असर
मौसम में इस बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ेगा। जहां हाल की बारिश से कुछ फसलों को नुकसान हुआ है, वहीं तापमान में बढ़ोतरी से गेहूं की फसल के पकने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक अधिक वृद्धि से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को सावधानी बरतने और मौसम के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
जनजीवन पर असर: ठंडक से गर्मी की ओर बदलाव
पिछले कुछ दिनों से चल रही ठंडी हवाओं और सुहावने मौसम के बाद अब लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ेगा। दिन में धूप तेज होने लगेगी, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, सुबह और रात के समय मौसम अभी कुछ दिनों तक सुहावना बना रह सकता है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
मौसम के इस तेजी से बदलते स्वरूप का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव से सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के अनुसार अपने पहनावे और खानपान का ध्यान रखें।
- जिलावार असर (संक्षेप में)
- पूर्वांचल: बादल और हल्की बारिश, तापमान में गिरावट
- पश्चिमी यूपी: मौसम साफ, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी
- मध्य यूपी (लखनऊ सहित): धीरे-धीरे बढ़ रहा तापमान
- सभी क्षेत्र: अगले सप्ताह तक गर्मी में वृद्धि के संकेत


