‘पंचायत चुनाव में नया आरक्षण रोस्टर होगा लागू’:गयाजी में मंत्री दीपक प्रकाश बोले- सीएम चेहरे पर अभी थोड़ा धैर्य रखिए

‘पंचायत चुनाव में नया आरक्षण रोस्टर होगा लागू’:गयाजी में मंत्री दीपक प्रकाश बोले- सीएम चेहरे पर अभी थोड़ा धैर्य रखिए

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का गया दौरा धार्मिक आस्था और राजनीतिक संदेश दोनों का मिश्रण रहा। उन्होंने सबसे पहले विष्णुपद मंदिर पहुंचकर भगवान विष्णु के चरणों में माथा टेका। इसके बाद भगवान बुद्ध का दर्शन किया। यहां से सीधे निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन बरसोना (टनकुप्पा प्रखण्ड) का निरीक्षण करने पहुंचे। मंत्री का कार्यक्रम तय था, लेकिन मीडिया से मुलाकात तय समय से काफी देर से शाम में हुई। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि विभागीय समीक्षा बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन ईद की छुट्टी के कारण नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बरसोना में पंचायत सरकार भवन का निर्माण जमीन विवाद के कारण अटका था। अब कोर्ट का आदेश आ चुका है। स्थानीय प्रशासन को जल्द निर्माण शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। दीपक प्रकाश ने पंचायत स्तर पर सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पंचायत में कन्या विवाह मंडप बनाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसे जल्द जमीन पर उतारा जाएगा। इसके अलावा मुक्ति धाम निर्माण को लेकर भी सरकार सक्रिय है। यहां अंतिम संस्कार के लिए बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान आरक्षण रोस्टर दस साल पुराना पंचायत चुनाव को लेकर भी उन्होंने बड़ा संकेत दिया। कहा कि वर्तमान आरक्षण रोस्टर दस साल पुराना है। साल 2026 में नया रोस्टर लागू होगा। इससे पंचायत चुनाव की पूरी तस्वीर बदल सकती है। राजनीतिक सवालों से भी मंत्री नहीं बचे। जब उनसे बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन कहा—थोड़ा धैर्य रखिए, जल्द ही प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। पश्चिम बंगाल चुनाव पर उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधा। कहा कि बंगाल कभी देश की आर्थिक ताकत था, लेकिन अब पिछड़ गया है। इसके पीछे राजनीतिक हिंसा असुरक्षा व रोजगार बड़ी वजह है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। कुल मिलाकर गया दौरे में दीपक प्रकाश ने एक तरफ आस्था दिखाई, तो दूसरी तरफ संगठन और सियासत- दोनों को साधने की कोशिश की। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का गया दौरा धार्मिक आस्था और राजनीतिक संदेश दोनों का मिश्रण रहा। उन्होंने सबसे पहले विष्णुपद मंदिर पहुंचकर भगवान विष्णु के चरणों में माथा टेका। इसके बाद भगवान बुद्ध का दर्शन किया। यहां से सीधे निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन बरसोना (टनकुप्पा प्रखण्ड) का निरीक्षण करने पहुंचे। मंत्री का कार्यक्रम तय था, लेकिन मीडिया से मुलाकात तय समय से काफी देर से शाम में हुई। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि विभागीय समीक्षा बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन ईद की छुट्टी के कारण नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बरसोना में पंचायत सरकार भवन का निर्माण जमीन विवाद के कारण अटका था। अब कोर्ट का आदेश आ चुका है। स्थानीय प्रशासन को जल्द निर्माण शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। दीपक प्रकाश ने पंचायत स्तर पर सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पंचायत में कन्या विवाह मंडप बनाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसे जल्द जमीन पर उतारा जाएगा। इसके अलावा मुक्ति धाम निर्माण को लेकर भी सरकार सक्रिय है। यहां अंतिम संस्कार के लिए बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान आरक्षण रोस्टर दस साल पुराना पंचायत चुनाव को लेकर भी उन्होंने बड़ा संकेत दिया। कहा कि वर्तमान आरक्षण रोस्टर दस साल पुराना है। साल 2026 में नया रोस्टर लागू होगा। इससे पंचायत चुनाव की पूरी तस्वीर बदल सकती है। राजनीतिक सवालों से भी मंत्री नहीं बचे। जब उनसे बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन कहा—थोड़ा धैर्य रखिए, जल्द ही प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। पश्चिम बंगाल चुनाव पर उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधा। कहा कि बंगाल कभी देश की आर्थिक ताकत था, लेकिन अब पिछड़ गया है। इसके पीछे राजनीतिक हिंसा असुरक्षा व रोजगार बड़ी वजह है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। कुल मिलाकर गया दौरे में दीपक प्रकाश ने एक तरफ आस्था दिखाई, तो दूसरी तरफ संगठन और सियासत- दोनों को साधने की कोशिश की।  

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