बिहार में सत्ता परिवर्तन के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी है। बहुत शांत तरीके से इसको अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल सत्ता में संतुलन बनाए रखने के लिए भाजपा और जदयू के बीच बातचीत का दौर लगातार जारी है। फिलहाल जदयू और भाजपा के बीच मंत्रालय और दिल्ली की राजनीति को लेकर समीकरण को साधने की कोशिश की जा रही है। बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनते ही पार्टी बड़े भाई की भूमिका में आ जाएगी। यही कारण है कि जदयू फूक फूक कर अपने कदम आगे बढ़ा रही है। मिल रही जानकारी के मुताबिक बिहार में मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा। इसके बदले में जदयू के कोटे में दो उपमुख्यमंत्री दिए जाएंगे।
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ठीक ऐसी ही व्यवस्था होगी जो वर्तमान समय में है। अगर जदयू कोटे से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री है तो सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भाजपा कोटे से दो उपमुख्यमंत्री हैं। इसके साथ ही बिहार में नए मुख्यमंत्री का शपथ अप्रैल के दूसरे सप्ताह में हो सकता है। तब तक नीतीश कुमार भी 10 अप्रैल से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल शुरू कर सकते हैं। खबर यह भी है कि नीतीश कुमार पहले बिहार विधान परिषद के सदस्य के तौर पर इस्तीफा देंगे। हालांकि, जदयू सूत्रों से जो खबर आ रही है उसके मुताबिक नीतीश कुमार केंद्र में मंत्री नहीं बनने जा रहे हैं। वह बिहार की राजनीति में ज्यादा सक्रिय रहेंगे। संजय झा ने भी हाल में ही कहा था कि वह संसद का सत्र छोड़कर बाकी समय बिहार में ही रहेंगे।
गठबंधन में नई सरकार का जो फॉर्मूला है उसको लेकर बात आगे बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक बीजेपी के पास मुख्यमंत्री पद के साथ-साथ 15 मंत्री होंगे जबकि जदयू को दो उपमुख्यमंत्री समेत 16 मंत्री पद दिए जाएंगे। सहयोगियों को ठीक इस फार्मूले के तहत एडजस्ट किया जाएगा जैसा अभी है। इतना ही नहीं, बीजेपी किसी भी कीमत पर गृह मंत्रालय अपने पास रखेगी। साथ ही साथ विधानसभा अध्यक्ष का पद भी बीजेपी के ही पास रहेगा। बिहार विधान परिषद के सभापति के तौर पर जदयू के किसी सदस्य को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आने के बाद उप मुख्यमंत्री बनेंगे या नहीं बनेंगे। लेकिन इसकी संभावना ज्यादा है। वहीं, अगर उपमुख्यमंत्री के तौर पर निशांत कुमार शपथ लेते हैं तो जदयू की ओर से दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में किसी सवर्ण नेता को आगे किया जा सकता है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने द्विवार्षिक चुनाव में बिहार की पांचों सीटों पर जीत हासिल करते हुए क्लीन स्वीप किया।
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जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार और राज्य विधानसभा के सदस्य नितिन नवीन के अलावा जिन अन्य उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की उनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर जद(यू), भाजपा के शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। रामनाथ ठाकुर राज्यसभा में लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं, जबकि भाजपा के शिवेश कुमार के राज्यसभा पहुंचने से राज्य से संसद में पार्टी को दलित चेहरा मिलेगा। उपेंद्र कुशवाहा लगातार दूसरी बार संसद के उच्च सदन के लिए चुने गए हैं।


