पश्चिम चंपारण में LPG किल्लत नहीं होगी-एडिशनल कलेक्टर:जिला प्रशासन की आपूर्ति, डिस्पैच और लंबित बुकिंग पर नजर

पश्चिम चंपारण में LPG किल्लत नहीं होगी-एडिशनल कलेक्टर:जिला प्रशासन की आपूर्ति, डिस्पैच और लंबित बुकिंग पर नजर

पश्चिम चंपारण में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से प्राप्त आंकड़ों की नियमित और गहन समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना है। जिले में कुल 9,57,642 एलपीजी उपभोक्ता जिले में कुल 9,57,642 एलपीजी उपभोक्ता हैं। प्रशासन लंबित बुकिंग को शीघ्रता से कम करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। बुकिंग को 0-2 दिन, 2-5 दिन और 5 दिन से अधिक लंबित श्रेणियों में विभाजित कर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। अपर समाहर्ता ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर एलपीजी गैस उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रतिदिन आपूर्ति, डिस्पैच और लंबित बुकिंग की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। जहां भी समस्याएँ सामने आती हैं, वहाँ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। गैस गोदामों की नियमित जांच-छापेमारी जारी इसके अतिरिक्त, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर गैस गोदामों की नियमित जांच और छापेमारी की जा रही है। अनुमंडल स्तर पर यह कार्रवाई एसडीएम के नेतृत्व में हो रही है। इन सख्त कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अब अधिक सुगमता से एलपीजी गैस मिल रही है और उनकी शिकायतों में भी कमी आई है। सभी गैस एजेंसियों को वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम चंपारण में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से प्राप्त आंकड़ों की नियमित और गहन समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना है। जिले में कुल 9,57,642 एलपीजी उपभोक्ता जिले में कुल 9,57,642 एलपीजी उपभोक्ता हैं। प्रशासन लंबित बुकिंग को शीघ्रता से कम करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। बुकिंग को 0-2 दिन, 2-5 दिन और 5 दिन से अधिक लंबित श्रेणियों में विभाजित कर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। अपर समाहर्ता ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर एलपीजी गैस उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रतिदिन आपूर्ति, डिस्पैच और लंबित बुकिंग की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। जहां भी समस्याएँ सामने आती हैं, वहाँ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। गैस गोदामों की नियमित जांच-छापेमारी जारी इसके अतिरिक्त, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर गैस गोदामों की नियमित जांच और छापेमारी की जा रही है। अनुमंडल स्तर पर यह कार्रवाई एसडीएम के नेतृत्व में हो रही है। इन सख्त कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अब अधिक सुगमता से एलपीजी गैस मिल रही है और उनकी शिकायतों में भी कमी आई है। सभी गैस एजेंसियों को वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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